
मुरैना. एक समय था जब चंबल घाटी में जाने के लिए लोग थर्राते थे, लेकिन अब चंबल क्षेत्र विदेशियों के लिए भी महफूज हो गया है। इसी का परिणाम हैं कि पिछले तीन साल में चंबल में नौका विहार की स्थिति देखें तो भारतीयों की अपेक्षा विदेशी पर्यटकों ने ज्यादा सैर की है। वहीं देवरी घडिय़ाल केन्द्र का भी भ्रमण किया।
चंबल क्षेत्र में 1960 से 1980 तक डकैत समस्या के चलते विदेशी तो छोडि़ए स्थानीय लोग भी निकलने में कांपते थे। लेकिन वर्तमान हालातों के चलते चंबल की खूबियों से विदेशी सैलानी काफी आकर्षित हो रहे हैं। खासकर वो विदेशी सैलानी जो जयपुर व भरतपुर की सैर करने आते हैं, उनके लिए चंबल सफारी को नजदीक मानकर अक्सर घूमने आ रहे हैं। यहां चंबल में वोटिंग के साथ जलीय जीव भी काफी आकर्षण केन्द्र बने हुए हैं। इन विदेशी मेहमानों के भ्रमण से चंबल की छबि बदल रही है।
चंबल की जैव विविधता को कैमरे में करते हैं कैद
विदेशी मेहमान वोटिंग के साथ जलीय जीवों जैसे घडिय़ाल, मगरमच्छ, कछुए, डोल्फिन और चंबल के बीहड़ों को देखना पसंद करते हैं। उसके साथ ही हर परिस्थितियों को अपने कैमरे में कैद करके ले जाते हैं। देवरी घडिय़ाल केन्द्र के केयर टेकर ज्योति डंडोतिया का कहना हैं कि चंबल नदी में वोटिंग के साथ जलीय जीवों को खासे प्रफुल्लित नजर आते हैं और जलीय जीवों की तारीफ करते थकते नहीं हैं। देवरी ईको सेंटर से भी घडिय़ालों को अपने कैमरे कैद करके ले गए हैं।
पिछले तीन साल में आए विदेशी सैलानी
वर्ष भारतीय विदेशी आय
2023 101 2791 10.57
2024 1259 250 11.76
2025 784 183 22.34
नोट: आय लाखों में हैं।
मुरैना चंबल नदी के राजघाट पर वर्ष 2008 में चंबल सफारी की शुरूआत हुई थी। उसके बाद देशी व विदेशी पर्यटक चंबल सफारी का लुत्फ उठाने चंबल नदी के राजघाट पर पहुंच रहे हैं। बारिश के सीजन में चंबल नदी में जल स्तर बढ़ जाता है इसलिए वोटिंग बंद रहती है। वोटिंग का समय भी सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है।
चंबल सफारी में सीजन के हिसाब से 15 अक्टूबर से 15 जून वोटिंग होती है इसलिए
यहां पर वोटिंग का लुत्फ पर्यटक सिर्फ सात माह ही उठा पाते हैं लेकिन देवरी ईको सेंटर पर पूरे साल देशी व विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। अभी तक तो रेशो सामने आया है, उसमें चंबल सफारी पर रोजाना औसतन दो से ढाई हजार और देवरी ईको सेंटर पर रोजाना 15 से 20 हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं।
चंबल नदी, जलीय जीव और चंबल बीहड़ को देखने जिन देशों के पर्यटक आ रहे हैं, उनमें फ्रांस, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, अमेरिका, कनाड़ा आदि शामिल हैं।
चंबल सफारी व देवरी ईको सेंटर पर अब विदेशी पर्यटकों की पसंद बन गया है। पर्यटक चंबल में नौका विहार करते हैं, वहीं जलीय जीवों को देखकर काफी आकर्षित हो रहे हैं।
Updated on:
12 Mar 2026 04:13 pm
Published on:
12 Mar 2026 04:11 pm
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