गोली मारकर ढेर कियासुबह 4.30 बजे लोग सोकर उठ रहे थे, कुछ पशुओं को चारा-पानी करने की तैयारी में थे, कुछ नींद में ही थे
पोरसा/मुरैना. पोरसा थाना क्षेत्र के ग्राम किर्रायंच में बुधवार को सुबह 4.30 बजे के जब लोग नींद में थे, तब जंगली जानवर लकड़बग्घे (हायना) ने अचानक हमला कर दिया। एक-एक कर आधा दर्जन घरों में लकड़बग्घा घुसा, लोगों ने भगाने का प्रयास किया तो हमला किया। हमले में तीन लोग गंभीर घायल हैं। आधा दर्जन मवेशी भी घायल हुए हैं। खूंखार लकड़बग्घे को बेकाबू देखकर ग्रामीणों ने गोली मारकर ढेर किया तब लोगों ने चैन की सांस ली।
सुबह करीब 4.30 बजे कुछ लोग जागकर पशुओं को चारे-पानी की तैयारी कर रहे थे और कुछ लोग सो ही रहे थे। जंगली जानवर सबसे पहले दिलीप सिंह तोमर के घर में घुसा और भैंस के बच्चे का कान पकड़ लिया। दिलीप की पत्नी रेशम देवी ने उसे ललकारा तो उनके पैर में काट लिया। शोरगुल हुआ तो वहां से निकलकर भागा और नरोत्तम तोमर के घर में घुस गया। अचानक घुसे जानवर को देखकर उन्हें लगा कि कुत्ता है तो हाथ में पकड़ी हुई शॉल से उसके सिर पर मारा, इससे वह कमरे में इधर-उधर भागने लगा और दूध के उपयोग में आने वाली मशीनों और कुर्सियों को दांतों से चबाया। यहां से भी शोरगुल हुआ तो पास में मुन्नीलाल वाल्मीक के घर में घुसा और वहां रखी बाइक के पार्टï्स चबाने लगा। मुन्नीलाल ने ललकारा तो उनके ऊपर भी हमला कर दिया और दोनों बाजुओं को बुरी तरह घायल कर दिया। इस दौरान पूरे गांव में शोर मच गया और लोग एकत्र होने लगे। इसी बीच ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच महेंद्र सिंह ने अपने बेटे को बोलकर राइफल मंगवाई। महेंद्र सिंह ने प्रदीप के घर के बाहर लकड़बग्घे पर एक फायर किया। घायल होने के बावजूद वह महेंद्र सिंह पर झपटा, लेकिन वह हमला कर पाता उससे पहले उन्होंने दूसरा फायर कर दिया। इससे लकड़बग्घा मौके पर ही ढेर हो गया। हालांकि कोई यह नही समझ पाया कि लकड़बग्घा अचानक गांव में कहां से आ गया। गंभीर घायलों को पोरसा से मुरैना रैफर कर दिया गया है।
देर से पहुंची वन विभाग की टीम व पुलिस
ग्रामीणों ने घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा भिजवाने की व्यवस्था की और पुलिस व वन विभाग को सूचना की, लेकिन पुलिस और वन विभाग की टीम तब पहुंची जब विधायक रविंद्र सिंह तोमर भी पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की। इससे ग्रामीणों में पुलिस और वन विभाग के प्रति आक्रोश दिखाई दिया।
पहले तो हायना का पोस्ट मार्टम कराया जाएगा। उसके बाद कानूनी तौर पर जो भी प्रक्रिया होगी, वह पूरी की जाएगी।
दिवांकर, रेंजर, वन विभाग