
(एक्सक्लूसिव स्टोरी- अरविंद शर्मा, मुरैना)
Illegal sand mining action: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत (Chambal Sand Mafia) के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। 1 जनवरी से 11 अगस्त 2026 तक 2 लाख 86 हजार घनमीटर अवैध रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 31 करोड़ 40 लाख रुपए है। इस अवधि में 1020 से अधिक लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 19 रेत माफियाओं को जिलाबदर किया गया। कार्रवाई के दौरान 68 भारी वाहन जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 64 लाख रुपए है।
राष्ट्रीय अभयारण्य क्षेत्र के 44 घाटों और चेकपोस्टों पर कार्रवाई की गई है। रेत के अवैध कारोबार से जुड़े कुल 78 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें 62 मामले अवैध परिवहन, एक अवैध उत्खनन और 15 मामले अवैध भंडारण के हैं। जब्त वाहनों में लोडर, ट्रैक्टर, डंपर और हाइड्रा सहित अन्य भारी वाहन शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बीच केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र का निरीक्षण किया। समिति ने तीन राज्यों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक भी की। इसके बाद अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई को और तेज किया गया है।
अवैध रेत परिवहन के रास्तों पर पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। इस अभियान में दो एसएएफ की कंपनियां और 450 से अधिक बल लगाया गया है, जिसमें 131 एसएएफ जवान और 25 थानों का पुलिस बल शामिल है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अस्थायी नाके बनाए गए हैं और स्थायी पुलिस बल भी निर्धारित किया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीमें रेत परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्तों को चिह्नित कर गड्ढे खोदकर उन्हें अवरुद्ध कर रही हैं।
पुलिस प्रशासन ने वर्ष 2025 में अवैध रेत के खिलाफ कार्रवाई के दौरान करीब 29 हजार घनमीटर रेत नष्ट की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपए बताई गई है। हालांकि पिछले साल कार्रवाई की रफ्तार धीमी रही। कुल 21 प्रकरण दर्ज हुए, लेकिन इनमें अवैध भंडारण का एक भी मामला सामने नहीं आया। परिवहन के दौरान 30 वाहन जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 90लाख रुपए थी। लेकिन अवैध रेत के भंडारण और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की गति और निगरानी दोनों को और मजबूत करने की जरूरत बनी रही।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देश दिए गए थे। मुरैना पुलिस और प्रशासन ने अछरसा पालन किया है।चंबल में राष्ट्रीय घडिय़ाल संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने थे। उसके लिए पुलिस प्रशासन अैार अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से मिलकर अवैध उत्खनन के साम्रज्य को समाप्त करने के लिए रात दिन कड़ी मेहनत की है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय के द्वारा लगातार मॉनीटरिंग व समीक्षा की जा रही थी। उसकी मंशाअनुरूप परिणाम भी आने लगे हैं। आने वाले समय में अवैध उत्खनन भंडारण में शामलि माफिया तत्वों पर और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी ।- धर्मराज मीणा, एसपी, मुरैना