मुरैना. वृद्धिशील सुधार की बजाय संरचनात्मक बदलाव की जरूरत को समझते हुए एनडीए सरकार ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम (वीबीजी रामजी2025) बनाया है। इसके तहत अब गरीब परिवार को 100 की बजाय 125 दिन रोजगार दिया जाएगा और रोजगार न मिलने की स्थिति में उनको वजीफा दिया जाएगा। यह बात […]
मुरैना. वृद्धिशील सुधार की बजाय संरचनात्मक बदलाव की जरूरत को समझते हुए एनडीए सरकार ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम (वीबीजी रामजी2025) बनाया है। इसके तहत अब गरीब परिवार को 100 की बजाय 125 दिन रोजगार दिया जाएगा और रोजगार न मिलने की स्थिति में उनको वजीफा दिया जाएगा। यह बात प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री एवं मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा ने कही। वह मंगलवार को पत्रकार से चर्चा कर रहे थे।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों ने भारत की सामाजिक आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ये केवल कमजोर परिवारों को आय की सुरक्षा नहीं देते बल्कि परिसम्पति निर्माण के साथ ग्राम विकास और सामाजिक स्थिरता के साधन भी है, चूंकि बड़ी संख्या में लोग कृषि और उससे जुड़े कामों पर निर्भर है, इसीलिए मौसमी बेरोजगारी और आय में उतार चढ़ाव लगातार चुनौती बने रहते है। उन्होंने कहा एक सवाल के जवाब में कहा कि मनरेगा में भृष्टाचार हुआ है तो हमने जांच कराकर कार्रवाई भी करवाई है और मुरैना में अगर ऐसा कोई मामला है तो हम कलेक्टर से बात करेंगे और भृष्टाचार की जांच कराएंगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के कामगारों को 25 दिन का रोजगार और अधिक मिलेगा। मनरेगा पर सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह, राम जी योजना प्रभारी ब्रजकिशोर दंडोतिया, जिला महामंत्री सोनू परमार, सुनील जाटव, सह प्रभारी राजीव कंसाना, मनोज सिकरवार, साधु राठौर, कार्यालय मंत्री राजेश सिकरवार, जिला मीडिया प्रभारी दिलीप दंडोतिया उपस्थित रहे।