चर्म रोग सहित आंखों की बीमारी ठीक करने के लिए की जाती है माता की पूजा, दूर- दराज से आते हैं श्रद्धालु
मुरैना. नेत्र एवं चर्म रोगों के निदान के लिए प्रसिद्ध निरार माता का वार्षिक मेला मंगलवार को प्रारंभ हो चुका है। इस मेले में मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड सहित आसपास के क्षेत्रों से मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। पहले दिन भी काफी भीड़ रही। मेले में बड़ी संख्या में चाट पकौड़ा, श्रृंगार, सौंदर्य सहित अन्य सामग्री की दुकान सज चुकी हैं।
पहाडगढ़़ क्षेत्र के जंगल में स्थित प्राचीन निरार माता मंदिर पर लगने वाला यह मेला छह दिनों तक चलेगा। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी से दशमी तक आयोजित इस मेले को लेकर प्रशासन और पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जौरा, मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ से निजी वाहनों के अलावा यात्री बसों का संचालन हो रहा है।
नेत्र व चर्म रोग के लिए पूजी जाती है माता
मान्यता है कि निरार माता के दर्शन और जात करने से दाद, खाज, खुजली जैसे चर्म रोगों के साथ-साथ आंखों के रोगों में भी लाभ मिलता है। जिन लोगों को उपरोक्त समस्याएं हैं, वह माता के दरबार में पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं, उनके राहत मिलती है।
तीन दिन उमेडग़ी श्रद्धालुओं की भीड़
निरार मेला वैसे तो पंचमी से ही शुरू हो जाता है। पहले दिन तो वाहन मंदिर के नजदीक पहुंच रहे हैं, लेकिन ज्यादातर सप्तमी, अष्ठमीं, नवमीं के दिन श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ पहुंचती हैं। इसके चलते प्रशासन द्वारा मंदिर से आधा किमी दूर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है।