
Morena News :मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने गुरुवार को चंबल के डकैत कल्ली गुर्जर का शॉट एनकाउंटर कर गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, पुलिस से हुई मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी है, जिससे घायल होने के बाद बानमौर थाना पुलिस की टीम उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची है, जहों उसका उपचार किया गया।
बताया जा रहा है कि, डकैत कल्ली पर कई संगीन मामले दर्ज हैं। वो सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो अपलोड कर अन्य डकैतों को धमकियां दे रहा था। इन वीडियो में वो खासतौर पर अपने दुश्मनों को धमकी देता नजर आ रहा था। कल्ली पर 80 हजार रुपए का इनाम था। उसे करीब 200 जवानों की टीम बीते कई दिनों से जंगलों में तलाश रही थी।
आपको बता दें कि, आज दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर एसपी मुरैना समेत 20 से 25 पुलिस जवानों की टीम और अफसरों के साथ 80 हजार रुपए के इनामी कल्ली गुर्जर को घायल अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया है।, यहां उसका मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है। कल्ली डकैत के बाएं पैर में गोली लगी हुई है। अस्पताल में कल्ली का मेडिकल टेस्ट किया जा रहा है। बता दें कि, दोपहर 1 बजकर 45 मिनिट तक भी कल्ली अस्पताल के अंदर ही है।
कल्ली गुर्जर को मेडिकल परीक्ष के बाद अस्पताल के कैदी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। कैदी वार्ड के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। बताया ये भी जा रहा है कि, पुलिस ने कल्ली गुर्जर और उसका एक और साथी अजय गुर्जर को भी पकड़ा है। उसका भी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। हालांकि, कल्ली के अन्य तीन साथी फिलहाल, पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
इस कार्रवाई में पुलिस ने कल्ली के पास से आधा सैकड़ा कारतूस बरामत किए हैं। जबकि, उसके पास एक सेमीऑटोमैटिक गन भी है जो अभी बरामद नहीं हुई है। पुलिस उसे भी बरामद करने की कोशिश कर रही है।
इधर, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने कल्ली को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के जवानों को शाबाशी देते हुए उनके द्वारा की गई इस जटिल धरपकड़ की सराहना भी की है। आपको बता दें कि, कल्ली पर पहले से 60 हजार रूपए का ईनाम था, जिसे हालही में बढ़ाकर 80 हजार रुपए किया गया था।
आपको बता दें कि, एक तरफ जहां कल्ली गुर्जर को मुरैना पुलिस जंगल - जंगल छान रही थी। तभी करीब 20 दिन पहले कल्ली गुर्जर का धमकाते हुए वीडियो सामने आया था। कल्ली मुरैना के महेश्वर मंदिर के सामने खड़ा दिखाई दे रहा था। वो अपने विरोधी करुआ गुर्जर निवासी जड़ेरुआ को ललकारते हुए कह रहा था कि, मैं मंदिर आ गया हूं, दम है तो आकर मिल।' ऐसे में पुलिस की सर्चिंग कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े हुए थे कि, पुलिस जिसे हर पत्थर के पीछे और हर इलाके ढूंढने का दावा कर रही है, वो तो वीडियो जारी करके अपनी लोकेशन दिखा रहा है, फिर भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही।