मुरैना. शहर से करीब पांच किमी दूर स्थित करुआ गांव से रेलवे लाइन निकली है। इस रास्ते से करीब चार गांव के लोगों को रेलवे पटरी पार करके अपने गांव जाना पड़ता था। इनकी सुविधा के लिए रेलवे विभाग ने 8 करोड़ की लागत से अंडरब्रिज का निर्माण करवाया गया है। इसका निर्माण तीन महीने […]
मुरैना. शहर से करीब पांच किमी दूर स्थित करुआ गांव से रेलवे लाइन निकली है। इस रास्ते से करीब चार गांव के लोगों को रेलवे पटरी पार करके अपने गांव जाना पड़ता था। इनकी सुविधा के लिए रेलवे विभाग ने 8 करोड़ की लागत से अंडरब्रिज का निर्माण करवाया गया है। इसका निर्माण तीन महीने पूर्व ही पूरा हुआ है। लेकिन इसमें पानी भरने से लोगों के लिए सुविधा की जगह असुविधा हो रही है। करीब 30 हजार की आबादी का रास्ता प्रभावित हो रहा है।
करुआ गांव पर रेलवे लाइन से निकलते समय कोई हादसा न हो, इसलिए विभाग ने अंडरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया, ग्रामीणों को खुशी हुई कि अब कोई हादसा नहीं होगा और न ही घंटों रेल पटरी पार करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा लेकिन उनको क्या पता था कि इस अंडरब्रिज के निर्माण से उनको सुविधा की जगह असुविधा होगी। इस अंडरब्रिज से करुआ, जारौनी, लभन पुरा, बित्तौली गांव के लिए रास्ता जाता है। इन गांवों की करीब 30 हजार की आबादी का खेती किसानी, बाजार आने जाने के लिए इसी अंडरब्रिज से होकर जाना पड़ता है। अंडरब्रिज के ज्वॉइंटों से पानी रिसकर अंदर भर रहा है। हालांकि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए स्थायी रूप से एक ट्रैक्टर की व्यवस्था कर दी है जो एक दिन छोडकऱ पानी निकालने ब्रिज के नीचे पहुंच रहा है। अगर ट्रैक्टर से पानी नहीं निकाला जाए तो रास्ता पूरी तरह बंद हो सकती है।
अंडरब्रिज में पानी भरने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चे, महिला और वृद्धों को हो रही है। स्थिति यह है कि यहां से पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण अपने परिजन को वाहनों से ब्रिज पार कराते हैं।
अंडरब्रिज में पानी भरने से करुआ, जारौनी, बित्तौली, लभन पुरा के ग्रामीणों का आवागमन रहता है। ब्रिज में पानी भरने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
हमारे गांव के लिए यही एक मात्र रास्ता है जिससे आना जाना रहता है। पुल में पानी भरने से गाडिय़ां खराब हो रही हैं। मजबूरी यह है कि बिना गाड़ी के यहां से निकलना मुश्किल हो गया है।
अंडरब्रिज का निर्माण नहीं हुआ था तब रेलवे लाइन से निकल जाते थे लेकिन ब्रिज के बनने से लाइन वाली रास्ता भी बंद हो गई और ब्रिज में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है, इसलिए निकलने में परेशानी हो रही है।
वाटर लेबल हाई होने के कारण करुआ अंडरब्रिज में पानी आ रहा है। इसलिए पंपिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे पानी निकाला जा रहा है।