क्वारी नदी का जल स्तर बढ़ा, सुरक्षा के लिए नहीं किए पर्याप्त इंतजाम, रपटा पर पानी फिर भी जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग, बेअसर हुए चेतावनी बोर्ड
मुरैना. लगातार हो रही बारिश के चलते डेमों के साथ नदियां उफान पर हैं। जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में सेंथरी-खिटौरा, बागचीनी रपटा, रामपुरकलां में बातेड़ क्वारी, सोन नदी व बांसुरी नाले में उफान आने से रपटा पर पानी आने से रास्ता बंद हो गया है। रपटों पर पानी ओवरफ्लो होने से आधा सैकड़ा गांवों का रास्ता बंद हो गया है। लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
देवगढ़ थाना क्षेत्र में सेंथरी- खिटौरा रपटा पर इन दिनों दो फीट पानी ऊपर चल रहा है। इसके चलते खिटौरा, सेंथरी, महामन, ल्होरी का पुरा, पंचम पुरा, अवस्थी का पुरा, देवगढ़, बिंडवा, छत्तरपुरा, सुखपुरा, उत्तमपुरा सहित दो दर्जन गांवों का रास्ता बंद हैं। इसी तरह बागचीनी और बारहद्वारी मंदिर के रपटे पर पानी आने पर नंदपुरा, बरहाना, गुढ़ाचंबल, भैंसरोली, गलेथा, खुलावली, टीकरी, बाबड़ी, मथुरापुर सहित एक दर्जन गांवों का रास्ता बंद है। वहीं रामपुर कला में क्वारी नदी के बातेड़ रपटा पर पानी आने से बातेड़, जोसिंल, काठौन, भूरा का पुरा, बंगा, कुंडी पुरा, शक्तिपुरा, लाड पुरा, नीमजीत, डुगरावली सहित डेढ़ दर्जन गांवों का रास्ता प्रभावित हो रहा है।
रपटों पर पानी आने के बाद भी राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता तय कर रहे हैं। बातेड़ रपटा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति पानी से होकर बाइक निकाल रहा है, उसको पीछे दो तीन लोग धक्का मार रहे हैं। इसी तरह अन्य रपटों पर भी लोग रिस्क लेकर निकल रहे हैं। रामपुरकला में नदी के किनारे चेतावनी बोर्ड भी लगा दिया है लेकिन उसका जनता पर कोई असर नहीं हैं।
जिले में 01 जून से 07 जुलाई, 2025 तक 346.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो गत वर्ष की तुलना में 161.7 मिलीमीटर वर्षा अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 184.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज हुई थी। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि जिले में 01 जून से 07 जुलाई तक सर्वाधिक वर्षा मुरैना में 487 मिलीमीटर दर्ज की गई है। पोरसा में 404, सबलगढ़ में 376, जौरा में 311, कैलारस में 261 और अंबाह तहसील में सबसे कम 240.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। सोमवार को सर्वाधिक 82 मिलीमीटर वर्षा सबलगढ़ में दर्ज की गई है। जौरा में 54, कैलारस में 29 और मुरैना में 4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
उसैद-पिनाहट घाट पर चंबल नदी का जलस्तर दूसरे दिन एक मीटर बढकऱ 119 पर पहुंच गया। जिसके बाद प्रशासन द्वारा तटवर्ती गांवों को अलर्ट कर दिया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का पानी चंबल की सहयोगी नदी पार्वती के द्वारा चंबल में आ रहा है। साथ ही कोटा बैराज से सोमवार से लगातार प्रतिदिन दो गेट खोलकर तीन-तीन फीट पानी करीब हजार क्यूसेक पानी प्रतिदिन चंबल नदी में छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर दोबारा से बढऩे लगा है। बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा तटवर्ती गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। राजस्व विभाग की टीम इन गांव में लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।