मुरैना. न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में नगर निगम के वार्ड 45 और 47 के बीच से होकर निकली सडक़ पर पानी भरने से पूरी तरह उखड़ चुकी है। इस सडक़ मार्ग के उखडऩे से 40 से अधिक गांवों का रास्ता प्रभावित हो रहा है। सडक़ पर पानी भरने व गड््ढा होने से आए दिन ई […]
मुरैना. न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में नगर निगम के वार्ड 45 और 47 के बीच से होकर निकली सडक़ पर पानी भरने से पूरी तरह उखड़ चुकी है। इस सडक़ मार्ग के उखडऩे से 40 से अधिक गांवों का रास्ता प्रभावित हो रहा है। सडक़ पर पानी भरने व गड््ढा होने से आए दिन ई रिक्शा व दो पहिया वाहन सवार दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी रहवासियों को हो रही है। उनके मकानों के आगे कीचड़ फैल रही है। जिससे घरों के अंदर तक गंदगी पहुंच रही है।
न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में यादव बस्ती के पास करीब 500 मीटर दूरी तक सडक़ मार्ग के किनारे नाला निर्माण न होने से बस्ती के मकानों से निकल रहा पानी सडक़ पर भर रहा है। इस मार्ग से मुरैना से सुमावली सहित 40 से अधिक गांवों के लिए रास्ता जाता है। लेकिन सडक़ जर्जर होने से लोग परेशान हो रहे हैं। स्कूली बच्चों को भी परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि कॉलोनी सहित आसपास के बच्चों को परिजन अपने अपने वाहनों से स्कूल छोडऩे को मजबूर हैं। रहवासियों का कहना हैं कि गड्ढे गहरे होने से आए दिन ई रिक्शा व दो पहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। शनिवार को प्लाई से भरा ई रिक्शा पलट गया जिससे पूरी प्लाई पानी में भींग गई और रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया। लोगों का कहना हैं कि ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन इन गड्ढों में दुर्घटना न हो।
न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अलावा महाराजपुर गांव के पास भी जगह जगह सडक़ उखड़ चुकी है। उन गड्ढों में भी पानी भरा हुआ है जिससे दो पहिया व तीन पहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। नगर निगम के जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते सडक़ पूरी तरह जर्जर हो गई है।
सडक़ के जर्जर होने से महाराजपुर, सिलायथा, खनेता, घुरैया बसई, टिकटौली, सुमावली, सुसानी, इटावली, लोहबसई, गणेश पुरा, निटेहरा, कोक सिंह का पुरा, बिरुंआ, हथरिया सहित 40 से अधिक गांव हैं जिनके लिए इसी मार्ग से रास्ता जाता है।
सडक़ तो बहुत समय से खराब है लेकिन पिछले कुछ समय से स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। ई रिक्शा व बाइक और पैदल राहगीर अधिक परेशानी होती हैं।
नगर निगम में होने के बाद भी सडक़ की मरम्मत नहीं हो पा रही है। दो वार्डों की सीमा टच कर रही है इसलिए नालों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। यहां पानी भरने से सडक़ पूरी तरह उखड़ चुकी है।
40 से अधिक गांवों का रास्ता हो रहा प्रभावित।
02 वार्डों की सीमा के चलते नाला निर्माण लटका।
500 मीटर दूरी तक सडक़ पूरी तरह जर्जर।
200 चार पहिया वाहन गुजरते हैं रोजाना।
1000 दो पहिया वाहन गुजरते हैं रोजाना।
100 ई रिक्शा गुजरते हैं यहां से।
सडक़ व दोनों तरफ नाला निर्माण के लिए 6 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी थी, वह मंजूर हो गई, राशि मिलते ही काम शुरू हो कर दिया जाएगा।