लुढ़का रात का पारा, पहुंचा 3 डिग्री सेल्सियस- अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रहा
मुरैना/थरा
जिले में लगातार सातवें दिन कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहा। सुबह घना कोहरा छाया रहा। जिसकी वजह से ठिठुरन बनी रही। दोपहर होते-होते सूर्य के दर्शन हुए, तो राहत महसूस हुई, लेकिन सर्द हवा चलने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बीते 6 दिनों से दिन का पारा 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे बना हुआ है जबकि रात का पारा 3 से 4 डिग्री सेल्सियस पर टिका हुआ है।
शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान 3 डिग्री पर आ गया। वहीं अधिकमत तापमान में डेढ़ डिग्री की वृद्धि हुई। दिन का तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नया साल शुरू होते ही पहले दिन से ही घना कोहरा छाया हुआ है सातवें दिन कोहरे की रफ्तार सबसे अधिक रही, जिसकी वजह से दृश्यता काफी कम रही। कोहरे के कारण सब कुछ धुंआ-धुंआ दिखाई दे रहा था। घना कोहरा छाए रहने की वजह से पेड़ पौधों पर भी कोहरे की ओस जमने लगी है।
आलू में लगा वायरस जनित रोग झुलसा
सर्दी के चलते आलू में झुलसा रोग ने पैर पसार दिए हैं। जिसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। बताते हैं कि राजस्वहल्के में सरसों की फसल के बाद सबसे अधिक रकबा आलू की खेती का है। ऐसे में आलू में वायरस जनित रोग लगने से किसान परेशान हैं।
इनका कहना है
एक बीघा में आलू की फसल लगाई थी। उसमें भी झुलसा रोग आ गया, अब हमें लगता है कि इसमें लागत भी नहीं निकलेगी।
पप्पू तोमर, किसान थरा
यह बोले कृषि वैज्ञानिक
इस समय मौसम की दशा झुलसा के अनूकूल बन रही है, आलूओं में पाले की संभावना भी है। इसके लिए खेत में पर्याप्त नमी के लिए सिंचाई करें और सल्फर 80 फीसदी दानेदार की 2.5 ग्राम की मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
डॉ संदीप सिंह तोमर
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक कृषि अनुसंधान केंद्र मुरैना।
आलू की फसल में झुलसा रोग के लिए किसान मेटालेक्सिल और मैनकोज़ेब का मिश्रण छिड़काव के लिए उपयोग करें अगर खेत में मच्छर हैं तो उसके लिए इमिडाक्लोप्रिड का उपयोग करें।फसल को पाले से बचाव के लिए सल्फर का उपयोग करें और रात के समय खेत के चारों ओर धुंआ करना आवश्यक है।
शिवदत्त शर्मा, कृषि विशेषज्ञ