
किलोलपुरा मार्ग की सडक़ बन जाती तो अंडरब्रिज से डायबर्ट किया जा सकता है ट्रैफिक, मिल सकती है जाम से निजात, 47 करोड़ की लागत से शिकारपुर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू, रेलवे ने सिर्फ बोर्ड लगाया, नहीं बनाया वैकल्पिक मार्ग
मुरैना. शहर व ग्रामीण एरिया के लिए अतिमहत्वपूर्ण शिकारपुर रेलवे फाटक का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, इसके चलते दिन में कई बार जाम के हालात निर्मित हो रहे हैं। कंपनी का कहना हैं कि 15 दिन बाद शिकारपुर फाटक का रास्ता पूरी तरह बंद करना पड़ेगा, तब पुल निर्माण हो सकेगा। ऐसी स्थिति में वैकल्पिक मार्ग नहीं निकाला गया तो लोगों को परेशानी होगी। शिकारपुर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए वर्ष 2023 में बाला भारती इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी के नाम टेंडर हुआ था लेकिन समय पर जमीन एलॉटमेंट न होने के कारण बिना कार्य शुरू किए ही कंपनी अपना सामान समेटकर ले गए। अब एचएससीएल कंपनी को काम मिला है। काम शुरू कर दिया है। 47 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी के जिम्मेदारों का कहना हैं कि काम पूरा होने के बाद बजट कम बढ़ भी हो सकता है।
शिकारपुर फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे पुल से करीब एक किमी दूरी पर सुआलाल का पुरा से गोठिया पुरा, किलोल पुरा होकर नंदे का पुरा चौराहे के लिए रास्ता गया है। यहां रेलवे ने अंडरब्रिज बनाया गया है लेकिन अंडरब्रिज के दोनों तरफ सडक़ न होने से वाहन नहीं निकल सकते, अगर प्रशासन चाहे तो सडक़ का निर्माण करा दे तो लोगों के लिए रास्ता सुलभ हो सकता है। रेलवे ने वैकल्पिक मार्ग का बोर्ड नंदे का पुरा चौराहे पर अंडरब्रिज के लिए लगा दिया है लेकिन सडक़ निर्माण रेलवे के अधीन नहीं आता है।
शिकारपुर फाटक पर पुल के निर्माण होने से बिचोली, किशनपुर, नगरा, माता बसैया, काजी बसई, सुजरनपुर, परीक्षा, दतहरा सहित करीब 50 से अधिक गांवों के अलावा शहर की करीब दस हजार की आबादी के लिए रास्ता सुलभ हो जाएगा।
शिकारपुर रेलवे फाटक पर बनने वाला पुल 900 मीटर लंबा और 24 मीटर नीचे और 12 मीटर ऊपर चौड़ा रहेगा। वहीं रेलवे फाटक के लगे होने से दिन में कई बार लगने वाले जाम से भी लोगों को मुक्ति मिल सकेगी। वहीं दुर्घटनाओं से भी मुक्ति मिलेगी। अक्सर जल्दी के चलते बाइक सवार फाटक लगा होने के बाद भी रेलवे क्रॉसिंग से निकलने का प्रयास करते हैं। जिससे हादसा की आशंका बनी रहती है।
अभी तक भिंड जाने वाले लोगों को शहर से होकर बड़ोखर- मुडिय़ाखेड़ा होकर जाना पड़ता है, जहां कई जगह जाम का सामना करना पड़ता है। शहर में ओवरब्रिज चौराहा, राम नगर तिराहा, बड़ोखर चौराहा, मुडिय़ाखेड़ा बाइपास पर अक्सर जाम लगता है और शाहलग होने पर तो यहां घंटों जाम लगता है। अगर शिकारपुर पर पुल बन जाता है तो ग्वालियर से अंबाह, पोरसा, भिंड जाने वालों को बाजार जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सीधे छौंदा टोल से शिकारपुर होकर अंबाह के लिए निकल सकेंगे।
शिकारपुर फाटक से करीब एक किमी दूरी पर सुआलाल का पुरा होकर एक रास्ता गया है जो अंडरब्रिज से निकलकर नंदे का पुरा बड़ोखर के लिए जाता है, लेकिन अंडरब्रिज के दोनों सडक़ नहीं हैं, इसलिए वाहन नहीं निकल सकते। यहां सडक़ बना दी जाए तो लोगों का रास्ता सुलभ हो सकता है।
शिकारपुर फाटक पर रेलवे ने ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इसके निर्माण होने से 50 से अधिक गांवों का रास्ता सुलभ होगा। लेकिन प्रशासन को चाहिए कि वैकल्पिक मार्ग पर सडक़ का निर्माण कराए जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिकारपुर फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अभी तो शिकारपुर गांव की तरफ काम चल रहा है लेकिन 15 दिन बाद शिकारपुर फाटक वाला रास्ता पूरी तरह बंद करना पड़ेगा, बिना रास्ता बंद किए पुल का निर्माण संभव नहीं हैं। हमने वैकल्पिक मार्ग के लिए नंदे का पुरा चौराहे पर बोर्ड लगा दिया है, सडक़ हमारे कार्य क्षेत्र में नहीं आती, इसलिए हम कार्य नहीं करा सकते, प्रशासन को व्यवस्था करनी होगी।
Published on:
07 May 2026 03:39 pm
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