2008 Malegaon Blast Case Witness Turned Hostile: मुंबई से करीब 200 किमी दूर स्थित मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास 29 सितंबर 2008 को बम धमाका हुआ था। इस ब्लास्ट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक जख्मी हुए थे।
Malegaon Blast Case: महाराष्ट्र (Maharashtra) के 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। पता चला है कि मामले का एक और गवाह अपने बयान से पलट गया है। मालूम हो कि यह मामले का ऐसा 27वां गवाह है, जो अपने बयान से मुकरा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, विशेष एनआईए (NIA) कोर्ट ने आज एक और गवाह को मुकर्रर घोषित कर दिया है। 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में अपना बयान बदलने वाला यह 27वां गवाह हैं। अब तक इस मामले की सुनवाई कर रहे एनआईए न्यायाधीश के समक्ष सैकड़ों लोगों की गवाही दिलवाई जा चुकी है। यह भी पढ़े-Mumbai: जेजे अस्पताल में मिला 130 साल पुराना 200 मीटर लंबा रहस्यमयी टनल, देखें वायरल तस्वीरें
मामले में कौन है आरोपी?
बीजेपी नेता प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, मेजर रमेश उपाध्याय (रिटायर्ड), अजय रहीरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी को मामले में आरोपी बनाया गया है। सभी वर्तमान में जमानत पर हैं। आरोपियों की दलील है कि उन्हें इस मामले में जबरन फंसाया गया है। आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक द्वेष की भावना से इस अपराध में शामिल बताया गया।
इस मामले की जांच की अगुवाई पूर्व एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) प्रमुख हेमंत करकरे कर रहे थे, लेकिन मालेगांव बम विस्फोट की गुत्थी सुलझने से पहले ही करकरे 26/11 मुंबई आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।
ब्लास्ट में 6 लोगों की गई थी जान
मुंबई से करीब 200 किमी दूर स्थित मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास 29 सितंबर 2008 को बम धमाका हुआ था। हमलावरों ने विस्फोटक पदार्थ को बाइक पर बांधा था, जो भीड़भाड़ वाले समय पर फटा। इसमें छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक जख्मी हुए थे। इस धमाके के संबंध में मालेगांव के आजाद नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। जबकि जांच की कमान एनआईए के पास है। उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील शहर माना जाता है।