
मुंबई. 2016 से 2018 के बीच तीन वर्षों में म्हाडा की लॉटरी के विजेताओं को आज तक उनका घर नहीं मिल सका है। वहीं ओसी (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) न मिलने के चलते के 1,882 विजेताओं को अभी तक घर का नियंत्रण नहीं मिला है। इसलिए म्हाडा के ड्रा में विजेता होने के बावजूद, विजेता के घर में रहने का सपना आज तक अधूरा ही है। सामान्य लोगों को उनके घर का सपना पूरा करने के लिए म्हाडा की ओर से लॉटरी निकाली जाती है। 2016 से 2018 की अवधि में म्हाडा ने मुंबई में लॉटरी निकली, जिसमें 1 हजार 882 परिवारों को कोई आपत्ति नहीं मिली, क्योंकि विजेताओं को कब्जा नहीं दिया गया था। जबकि इस बीच विजेताओं को आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही उन्हें घर प्रदान किए जाएंगे।
निर्णय की प्रक्रिया में म्हाडा...
विदित हो कि आवेदक की आपत्ति यह है कि अधिकारी अभी भी कोई उचित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अब तक बीएमसी के पास म्हाडा कॉलोनियों के लिए योजना प्राधिकरण का अधिकार था। पिछले साल राज्य सरकार ने म्हाडा की 56 कॉलोनियों के लिए योजना प्राधिकरण के अधिकारों को म्हाडा को हस्तांतरित कर दिया। इसलिए, म्हाडा अब आवास मुद्दे के बारे में निर्णय लेने की प्रक्रिया में है। उनमें से कुर्ला में 250 और गोरेगांव में लगभग 100 घर जल्द ही बनने की उम्मीद है।