
SIR Controversy; मुंबई में चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचेंगे और स्थिति ऐसी होगी कि लगाए गए बैरिकेड भी कम पड़ जाएंगे।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग आएंगे कि आपके बैरिकेड पर्याप्त नहीं होंगे।” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दिपके ने दिल्ली पुलिस के DCP सचिन शर्मा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी उन्हें बता रहे थे कि सचिन शर्मा RSS से जुड़े हैं और अमित शाह के पसंदीदा अधिकारी हैं। दीपके ने कहा कि अगर वह RSS से जुड़े हैं तो उन्हें पुलिस की वर्दी के बजाय खाकी शॉर्ट्स पहननी चाहिए।
वहीं, अभिनेत्री शबाना आजमी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान लोगों का अधिकार और उनकी आवाज है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटा दिया जाए तो वह क्या करेगा। आजमी ने कहा कि लोग इसका विरोध करेंगे क्योंकि यह उनका अधिकार है। शबाना आजमी ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को मतदान का अधिकार दिया है। उन्होंने प्रदर्शन में मौजूद लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज जहां तक नजर जा रही है, वहां तक लोगों की मौजूदगी लोकतंत्र की जीत को दिखाती है। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी ताकत को पहचाना है और अब वे अन्याय को सहने के लिए तैयार नहीं हैं।
यह प्रदर्शन SIR प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों और कथित अनियमितताओं के बीच हुआ। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से भी कुछ मुद्दों पर आपत्तियां उठाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इससे पहले CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे और उनके खिलाफ भी प्रदर्शन का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि मुंबई में होने वाले प्रदर्शन को देशभर के लोगों का समर्थन मिलेगा।
इधर, दिल्ली के जंतर-मंतर के पास भी SFI और DYFI के सदस्यों के साथ विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। इस दौरान AAP विधायक सौरभ भारद्वाज समेत कई विपक्षी नेताओं को BNSS की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के बीच हिरासत में लिया गया।