
Chief Election Commissioner: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश में चल रही राजनीतिक बहस के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक ऐसी टिप्पणी की है, जिसने सोशल मीडिया पर ध्यान खींचा है। उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेते हुए ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा है। दीपके ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ज्ञानेश कुमार ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते। उनकी इस छोटी-सी टिप्पणी ने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर चल रहे विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'Gyanesh Kumar would’ve never let this happen to Trump.' यानी ज्ञानेश कुमार ने ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने दिया होता। इस टिप्पणी में उन्होंने ट्रंप और भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का जिक्र एक साथ करते हुए कटाक्ष किया है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
दरअसल, ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद की सबसे बड़ी वजह मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया के तरीके और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के नाम पर मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
विवाद तब और बढ़ा, जब चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां उठाए जाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ अहम फैसले दूसरे चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।
इस मामले में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि SIR से जुड़े तीनों प्रमुख आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से जारी किए गए थे। आयोग ने एकतरफा फैसले लेने के आरोपों को खारिज किया है।
वहीं, 27 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए 10 दिन का समय दिया था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर के लिए तय की है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद सिर्फ अदालत तक सीमित नहीं है। विपक्षी दल दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग भी उठा चुके हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया की निष्पक्षता की जांच होनी चाहिए। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग अपने फैसलों को नियमों के मुताबिक बता रहा है।
ऐसे माहौल में अभिजीत दीपके की ट्रंप वाली टिप्पणी ने एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका पर बहस को चर्चा में ला दिया है। उनकी पोस्ट भले ही एक लाइन की है, लेकिन इसके जरिए उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर तंज कसा है।