Adani Sharad Pawar Meeting: संजय राउत ने आज कहा, “हमारी बैठकें होती रहती हैं। मैंने कल शरद पावर साहब से मुलाकात की और हमारे बीच बहुत से विषय एवं राज्य में जो चल रहा है उस पर चर्चा हुई। एनसीपी में जो कुछ चल रहा है यह उनका आंतरिक मामला है।“
Ajit Pawar on Adani-Sharad Pawar Meet: मुंबई में उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) ने गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) से मुलाकात की। अडानी और एनसीपी प्रमुख की मुलाकात के बाद एक बार फिर सियासत तेज हो गई। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने एनसीपी नेता शरद पवार के साथ अडानी की मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, हम केवल उम्मीद कर सकते हैं कि एनसीपी के पास पुराने रिश्तों से पहले देश को आगे रखने की अच्छी समझ होगी। अडानी और पवार की मुलाकात के कुछ घंटे बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत भी एनसीपी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अडानी-शरद पवार की मुलाकात पर पूछे गए सवाल पर एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने कहा, मैं इसके बारे में नहीं जानता... कई राजनीतिक लोग उनसे मिलते हैं। उनके (अडानी) पर लगे आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरोपी की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है... यदि जान पहचान का कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से मिलता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह भी पढ़े-Kharghar Tragedy: शिंदे गुट ने संजय राउत के खिलाफ दर्ज कराया केस, फर्जी खबर फैलाने का आरोप
इससे पहले राज्यसभा सांसद व शिवसेना (उद्धव गुट) नेता संजय राउत ने आज कहा, “हमारी बैठकें होती रहती हैं। मैंने कल शरद पावर साहब से मुलाकात की और हमारे बीच बहुत से विषय एवं राज्य में जो चल रहा है उस पर चर्चा हुई। एनसीपी में जो कुछ चल रहा है यह उनका आंतरिक मामला है। लोग मिलते रहते हैं, और इसमें कुछ भी नया नहीं है।“
मालूम हो कि अडानी-हिंडनबर्ग मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की विपक्षी दलों की मांग के बीच गौतम अडानी ने मुंबई में शरद पवार के आवास सिल्वर ओक पर कल सुबह मुलाकात की थी। यह मुलाकात इसलिए चर्चा में है, क्योंकि पवार ने इस महीने की शुरुआत में अडानी समूह का बचाव किया था और उसके बारे में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट की आलोचना की थी। पवार ने एनसीपी के सहयोगी दल कांग्रेस से अलग रुख अपनाते हुए कहा था कि वह समूह पर लगे आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से समिति गठित किए जाने का समर्थन करते हैं, क्योंकि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में संख्याबल के हिसाब से सत्तारूढ़ बीजेपी का दबदबा होगा, जिसके चलते जांच को लेकर संदेह पैदा होगा।
हालांकि, बाद में उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी अडानी समूह पर लगे आरोपों की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की भाजपा विरोधी दलों की मांग का समर्थन नहीं करती, लेकिन फिर भी वह विपक्षी एकता की खातिर उनके रुख के खिलाफ नहीं जाएगी।