
महाराष्ट्र (Maharashtra News) से कई बड़े प्रोजेक्ट्स के जाने के बाद सूबे का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) राज्य में नए उद्योग लाने के लिए दिग्गज उद्योगपतियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। सत्ता में आने के बाद से वह रतन टाटा (Gautam Adani) और मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) जैसे उद्योगपतियों से मिल चुके हैं। बीती रात सीएम एकनाथ शिंदे और गौतम अडानी के बीच अहम बैठक हुई।
मिली जानकारी के मुताबिक, शिंदे और गौतम अडानी के बीच बीती रात करीब डेढ़ घंटे तक बैठक चली। इस मौके पर महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत भी मौजूद थे। बैठक मुख्यमंत्री शिंदे के अधिकारिक आवास वर्षा पर हुई। उद्योग मंत्री सामंत ने कहा कि इस बैठक में प्रदेश के विकास को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। यह भी पढ़े-Maharashtra: आदित्य ठाकरे को बड़ा झटका! विदर्भ में शिंदे खेमे में शामिल होंगे युवा सेना के 7 जिलाध्यक्ष व पदाधिकारी
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उदय सामंत ने कहा, गौतम अडानी राज्य ही नहीं बल्कि देश के बड़े उद्योगपति हैं। सामंत ने बताया कि उनसे राज्य के विकास को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। सामंत ने दावा किया कि महाराष्ट्र से दूसरी जगहों पर गई सभी परियोजनाएं पिछले ढाई साल के कार्यकाल वाली सरकार के समय में ही राज्य से बाहर चले गए थे और विपक्ष उन्हें बदनाम कर रहा है।
गौरतलब हो कि बीते महीने वेदांता-फॉक्सकॉन परियोजना के बाद टाटा-एयरबस परियोजना महाराष्ट्र से गुजरात जाने पर विपक्ष ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार को आड़े हाथों लिया। टाटा-एयरबस परियोजना के सी-295 सैन्य विमान बनाने की परियोजना गुजरात में गई। हजारों करोड़ों का यह प्रोजेक्ट पहले महाराष्ट्र में स्थापित किया जाना था। एक बयान के मुताबिक, यूरोपीय कंपनी एयरबस और भारतीय समूह टाटा का एक कंसोर्टियम (संघ) वडोदरा में भारतीय वायु सेना के लिए सी-295 परिवहन विमान का निर्माण करेगा। परियोजना की कुल लागत 21,935 करोड़ रुपये है, जिससे 56 विमान बनेंगे।
वेदांत-फॉक्सकॉन परियोजना भी गुजरात गई
भारतीय समूह वेदांता और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण कंपनी फॉक्सकॉन की संयुक्त सेमीकंडक्टर परियोजना गुजरात में स्थापित करने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। पहले यह परियोजना पुणे शहर के समीप स्थापित की जानी थी। सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 1 लाख 54 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे लगभग एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।