मनपा आरोग्य विभाग की लापरवाही से दिवा में नागरिको की मौत आरोग्य केंद्र नागरिको ने शुरू किया अनशन
मुंबई . एक तरफ स्मार्ट सिटी के माध्यम से ठाणे मनपा बड़े बड़े प्रोजेक्टों की घोषणा कर रही है वंही दूसरी तरफ ठाणे मनपा का महत्वपूर्ण भाग दिवा परिसर में पांच लाख से अधिक लोकसंख्या होने के बावजूद वंहा एक भी आरोग्य केंद्र नहीं होने खुलासा हुआ है | दिवा में तेजी के साथ अवैध बिल्डिंगो का निर्माण हो रहा है उन्हें सुविधा भी दिया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद यहां के नागरिको को आरोग्य केंद्र के लिए जगह नहीं होने का माला पालिका जप रही है | जिसके कारण आए दिन नागरिको का आरोग्य ख़राब होने से मृत्यु हो रही है | इसके विरोध में दिवा के सामाजिक कार्यकर्ता अमोल केंद्रे ने ठाणे मनपा मुख्यालय के सामने अनशन शुरू किया है |
जानकारी अनुसार ठाणे का सबसे बड़ा जनसंख्या वाला क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने आए दिवा में आठ नगरसेवक ,उसमे से एक उपमहापौर ,दिवा का सवतंत्र प्रभाग समिति ,दिवा से एक विधायक शिवसेना का पालकमंत्री ,आरोग्य मंत्री और सांसद है चुनाव के दौरान दिवा को दत्तक लेने की घोषणा करने के बावजूद दिवा में आरोग्य केंद्र का अभाव है जिसके कारण मानसून के दौरान दिवा में बाढ़ आगया था | इस के बाद पानी कम होते ही आरोग्य की समस्या उत्पन हुआ | समय पर 13 मरीजों का उपचार नहीं हो पाने के कारण उनकी मौत हो गई | इसके लिए ठाणे मनपा को जिम्मेदार ठहराते हुए दिवा के सामाजिक कार्यकर्त्ता अमोल केंद्रे ने ठाणे मनपा मुख्यालय के सामने अनशन शुरू किया है | उनकी मांग है की ठाणे मनपा की लापरवाही से मृत नागरिको के परिवार को आर्थिक मदद देने के साथ ही तुरंत दिवा में आरोग्य केंद्र शुरू किया जाए | अमोल केंद्रे ने बताया की अभी अनशन के माध्यम से प्रशासन को नीद से जगा रहे है | जल्द से जल्द आरोग्य केंद्र का निर्माण करने पर फैंसला नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन तीव्र किया जाएगा | इसके लिए पालिका अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे |