
Anna Hazare Hospitalised: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सोमवार रात मुंबई के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर के मुताबिक, 89 वर्षीय हजारे पिछले करीब एक महीने से वायरल बुखार और इंफेक्शन की समस्या से जूझ रहे थे। पहले उनका इलाज पुणे के शिरूर के एक अस्पताल में चल रहा था, लेकिन संक्रमण बढ़ने और किडनी पर असर पड़ने के संकेत मिलने के बाद उन्हें आगे की जांच और बेहतर निगरानी के लिए मुंबई लाया गया।
बॉम्बे अस्पताल के कंसल्टेंट फिजिशियन और संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. गौतम भंसाली ने अन्ना हजारे की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अन्ना हजारे को सोमवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है तथा इलाज का असर हो रहा है। डॉक्टर के मुताबिक, अगर सब कुछ सही रहा तो अगले 3 से 4 दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
डॉ. गौतम भंसाली के अनुसार, अन्ना हजारे पिछले करीब एक महीने से वायरल बुखार से पीड़ित थे। इस दौरान उन्हें दस्त की समस्या भी हुई, जिससे गंभीर डिहाइड्रेशन हो गया। उनकी तबीयत में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें शिरूर के अस्पताल में कई बार भर्ती होना पड़ा। डॉक्टर ने बताया कि हाल के दिनों में जब संक्रमण थोड़ा बढ़ गया और ऐसे संकेत मिले कि इसका असर उनकी किडनी पर पड़ रहा है, तब उन्हें बॉम्बे अस्पताल लाने का फैसला किया गया।
अन्ना हजारे का इलाज कर रहे डॉ. भंसाली ने बताया कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के समय अन्ना हजारे की हालत पूरी तरह स्थिर थी। हालांकि, उन्हें कमजोरी और थकान महसूस हो रही थी। वह गाड़ी में बैठकर आए थे। फिलहाल उन्हें स्पेशल वार्ड के कमरे में रखा गया है और आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है। वह आराम से खाना और पानी ले रहे हैं और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।
डॉक्टर ने बताया कि अन्ना हजारे की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन करने के लिए अस्पताल में कई जांचें की जा रही हैं। डॉक्टरों ने 2डी-इको समेत कुछ महत्वपूर्ण जांचें पूरी कर ली हैं। फिलहाल उनके यूरिन टेस्ट और संक्रमण से जुड़ी अन्य जांचें की जा रही हैं। इन जांचों की रिपोर्ट अगले तीन से चार दिनों में मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट आने के बाद आगे के इलाज को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
अन्ना हजारे के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आने के बाद कई लोगों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों से जानकारी ली। डॉक्टर गौतम भंसाली के मुताबिक, खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अन्ना हजारे के अस्पताल में भर्ती होने के तुरंत बाद फोन किया था। उन्होंने आज भी फोन कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी ली और उनकी तबीयत को लेकर चिंता जताई।
अन्ना हजारे ने सेना में सेवा देने के बाद अपना जीवन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया। उन्होंने पिछले कई दशकों में ग्रामीण विकास, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्ना हजारे ने कहा था कि शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक बातचीत से हर शिकायत का समाधान किया जा सकता है। हिंसा से कुछ हासिल नहीं होगा। छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने सरकार से उनकी बात सुनने की अपील की थी।
अन्ना हजारे के नेतृत्व में वर्ष 2011 का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन देश के सबसे चर्चित जन आंदोलनों में शामिल रहा। मजबूत लोकपाल कानून की मांग को लेकर उन्होंने 13 दिनों तक अनशन किया था। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर उतरे थे। अन्ना हजारे को सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।