मार्केट से बढ़ रहे कोरोना के मरीज
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
नवीमुंबई | नवी मुंबई में बढ़ते कोरोना के प्रकोप से नागरिकों में जहां भय का वातावरण फैल रहा है वहीं सबसे अधिक एपीएमसी मार्केट से जुड़े लोगों की वजह से शहर में पांव पसार रहे कोरोना के कारण पिछले कुछ दिनों से एपीएमसी मार्केट को पुनः बंद करने की मांग उठ रही थी। आखिरकार एपीएमसी प्रशासकीय कार्यालय में हुई बैठक के बाद मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति की पांचों मंडियों को सोमवार 11 से 17 मई तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन मार्केट बंद की खबर सुनने के बाद सामान्य लोगों की चिंता इसलिए बढ़ गई है कि मार्केट बंद होने के बाद फुटकर मार्केट में सब्जी, फल के सहित अन्य सामग्रियों के भाव आसमान छूने लगेंगे।
नवी मुंबई में लगातार कोरोना रोगियों की बढ़ती संख्या को देख जहां प्रशासन के होश उड़े हैं, वहीं नागरिकों के चेहरे पर भय की लकीरें साफ झलकने लगी है। गुरुवार 7 मई तक नवी मुंबई में कोरोना रोगियों की संख्या कुल 484 तक पहुंच गई थी, और अभी तक 8 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसमें से लगभग 125 लोग एपीएमसी मार्केट से जुड़े हैं। शहर में कोरोना के बढ़ते लक्षण को देख ऐरोली के विधायक, गणेश नाईक, बेलापुर की विधायिका मंदा म्हात्रे सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा एपीएमसी मार्केट को बंद करने की मांग उठने लगी थी। आखिरकार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मार्गदर्शन में विपणन विभाग के मुख्य सचिव अनूप कुमार की उपस्थिति में शुक्रवार को तुर्भे स्थित एपीएमसी मुख्यालय में हुई बैठक में सोमवार से 17 मई तक सब्जी मार्केट, फल मार्केट, कांदा-बटाटा मार्केट, अनाज मार्केट एवं मसाला मार्केट इस तरह से पांचों मंडियों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक के दौरान यह भी सुझाव दिया गया है कि मार्केट शुरू करने से पूर्व व्यापारी, हमाल, मथाड़ी कामगार, सुरक्षा गार्ड एवं प्रशासनिक कर्मचारियों का पुनः परीक्षण करने के बाद ही मार्केट में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। इस बैठक के दौरान कोंकण आयुक्त शिवाजी दौंड, विपणन विभाग के प्रधान सचिव अनुप कुमार, ठाणे जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर, मनपा आयुक्त अन्नासाहेब मिसाल, डीसीपी पंकज डहाणे, मथाडी नेता नरेंद्र पाटील एपीएमसी सचिव एवं एपीएमसी के संचालक सहित प्रमुख व्यापारी उपस्थित थे।