संस्कार चैरिटेबल ट्रस्ट : प्रवासियों की समस्याएं बढ़ी तो संगठन की शक्ति के लिए बनाया ट्रस्ट
ठाणे. हिंदी भाषी प्रवासियों की महानगरी में समस्याओं का अंत नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के लिए तो राजनेता है, लेकिन यदि कोई निजी समस्या आन पड़े तो दर दर भटकना विवशता हो जाती है। दूर गांव से जब तक कोई आए, मदद करे तब तक देर हो जाती है। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए ठाणे क्षेत्र में स्वयंसेवी संस्था संस्कार चैरिटेबल ट्रस्ट का गठन वर्ष 2015 में किया गया। स्थापना काल से ही संस्था के सदस्य विभिन्न सामाजिक कार्यों के साथ ही सेवाकीय प्रवृतियों से जुड़ गए।
विद्यालय, महाविद्यालय, उद्योग-कारखानों से भरा पूरा है ठाणे शहर। इन्हीं सब के बीच सक्रिय संस्था संस्कार चैरिटेबल ट्रस्ट सामाजिक कार्यों को लेकर सक्रिय हुई। ट्रस्ट की ओर से विद्यार्थियों की शिक्षा के बाद बेरोजगारी दूर करने के लिए कौशल प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू किया, जिससे युवाओं में रोजगारी को लेकर चिंता दूर करने में मदद मिली। युवओं को रोजगार के लिए कई तरह के हुनर सिखाए जाते हैं, तो उनके हुनर में तकनीकी ज्ञान का इजाफा किया जाता है।
गरीब और अनाथ बच्चों को हर वर्ष नि:शुल्क शिक्षा प्रदान किया जाता है, जिससे कि उन बच्चों की प्रतिभा और कौशल को समाज के हित में उपयोग में लाया जा सके। प्रतिभाशाली विद्यार्थी जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा ग्रहण करने के असमर्थ है उन्हें भी नि:शुल्क शिक्षा प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें भविष्य में आगे बढऩे का अवसर प्राप्त हो। ट्रस्ट की ओर से समाज के लिए भवन, अस्पताल, स्कूल बनवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
संंस्था के सक्रिय सदस्य
लक्ष्मी कैलाश मौर्या (अध्यक्ष), पूनम कैलाश मौर्या (सचिव), प्रेमकुमार तिलकधारी (कोषाध्यक्ष), धनंजय रामलोचन सिंह (प्रमुख सलाहकार), ममता संजय सिंह, रविकुमार कुशवाहा, बबिता रामिलन शुक्ला, उषा विश्वकर्मा, गोपाल ठाकुर, रुक्मिणी पटेल, आंंचल गौड, प्रिया विश्वकर्मा, अर्चना यादव, रेखा कुशवाहा, अशिवीनी जैसवाल, गुडिया शेख, शिक्षा यादव, अंतिमा शर्मा, रविना सिरसात, श्वेता सिंह, अमितकुमार सिंह, मनीष सिंह, शिवम राममिलन शुक्ला।
वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव
ट्रस्ट की ओर से प्रतिवर्ष सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इसकी खासियत होती है कि इसमें सर्व हिंदी भाषी समाज के लोगों की मौजूदगी होती है। आयोजन में बच्चे सभ्यता-संस्कृति और लोक-संस्कृति से संबंधित प्रस्तुतियों में भाग लेते हैं। इससे वह अपनी मूल संस्कृति से जुड़ते हैं। देशभक्ति पर आधारित गीत-नृत्य की भी प्रस्तुति की जाती है। अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास हर साल वसंत पंचमी का त्योहार मना कर किया जाता है। हिंदी भाषी क्षेत्रों में आयोजित होने वाले त्योहार को इसी मूल में मनाने का प्रयास होता है, जिससे नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
संस्था की तरफ से पर्यावरण संरक्षण व संवद्र्धन पर फोकस
ठाणे शहर के कई क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान का आयोजन अन्य सहयोगी संस्था के साथ मिलकर किया जाता है। नए वर्ष के उपलक्ष पर विशेष तौर पर महास्वच्छता अभियान चलाया गया। प्लास्टिक के कचरों की सफाई एवं उसका निवारण किया जाता है। इसमें बड़ी मात्रा में स्थानीय लोगों का समावेश रहता है। पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधारोपण में सदस्यों की सहभागिता रहती है। आसपास का माहौल हराभरा, स्वच्छ और समृद्ध रखने के लिए पौधारोपण व जागरूकता रैली निकाली जाती है। वर्ष में कई बार पौधारोपण होता है, जिसमें समाज के प्रतिष्ठित लोगों का भी समावेश होता है। इसके अलावा बच्चों में खेल-कूद का महत्व स्थापित करने और उनमें नेतृत्व की क्षमता का विकास करने के लिए ट्रस्ट की ओर से खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन एक विशेष प्रशिक्षण के साथ किया जाता है।
प्रतियोगिताओं का आयोजन
ट्रस्ट की ओर से विद्यार्थियों की प्रतिभा को बढ़ाने व उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। लेखनकला, प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, गायन प्रतियोगिता, वक्तृत्व कला प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि आयोजित किए जाते हैं। विद्यार्थियों को पृरस्कृत भी किया जाता है। इसके अलावा विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन कर विज्ञान पर आधारित भिन्न-भिन्न प्रकार के प्रकल्प बनाते हैं, जिसमें शिक्षकगण भी सहायता करते हैं। बेहतरीन प्रकल्पों पर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। संस्था के इस कार्य से समाज को गति मिलती है।