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मुंबई: बकरीद पर आवासीय परिसरों में न हो बकरों की कुर्बानी! BJP नेता किरीट सोमैया की बड़ी मांग

Kirit Somaiya on Bakri Eid: भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, “मैंने मुंबई की मेयर और पुलिस कमिश्नर को चेतावनी दी है कि अगर आवासीय परिसरों में बकरों की कुर्बानी अवैध रूप से दी गई तो आगे जो भी होगा, उसके लिए वह जिम्मेदार होंगे।“
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May 18, 2026
Kirit Somaiya on Bakri Eid
खुले में कुर्बानी पर रोक लगे- किरीट सोमैया (Photo: IANS)

बकरीद से पहले मुंबई में बकरों की कुर्बानी को लेकर बीजेपी नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने बड़ी मांग की है। सोमैया ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई पुलिस से रिहायशी इमारतों, हाउसिंग सोसायटी, चॉल और आवासीय परिसरों में बकरों की कुर्बानी की अनुमति नहीं देने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने बीएमसी मेयर और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "इस बार मैंने मुंबई मेयर और पुलिस कमिश्नर को चेतावनी दी है कि अगर सोसाइटियों और चॉलों में किसी भी बकरे का अवैध रूप से वध किया जाता है, तो आगे जो भी होगा, उसके लिए मुंबई पुलिस कमिश्नर और नगर निगम जिम्मेदार होंगे…"

किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि बीएमसी और अदालतों की ओर से पहले भी कई बार प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक मुंबई की किसी भी बस्ती या रिहायशी इलाके के आसपास खुले में बकरों की कुर्बानी या वध नहीं किया जा सकता, लेकिन हर साल नियमों का उल्लंघन होता है।

बीएमसी से एक्शन की मांग

किरीट सोमैया ने कहा कि इस संबंध में बीएमसी के स्पष्ट नियम मौजूद हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा। उन्होंने मांग की कि बीएमसी अपने सभी वार्ड अधिकारियों और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी करे ताकि आवासीय परिसरों में अवैध तरीके से कुर्बानी न हो सके।

भाजपा नेता के मुताबिक, मुंबई में कानून और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी रिहायशी परिसर के आसपास जानवरों का वध न किया जाए। बीएमसी को इस मामले में सख्ती दिखानी चाहिए।

क्या कहते हैं बीएमसी के नियम?

बीएमसी की नीति के अनुसार, हाउसिंग सोसायटी या रिहायशी परिसर में कुर्बानी की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी जा सकती है। इसके लिए सोसायटी की ओर से एनओसी देना जरूरी होता है। साथ ही संबंधित सहायक नगर आयुक्त के पास बकरीद से कम से कम 30 दिन पहले आवेदन करना होता है।

नियमों के मुताबिक, कुर्बानी केवल अनुमति प्राप्त स्थान या सोसायटी के तय जगह में ही की जा सकती है। बिना अनुमति खुले स्थानों या सार्वजनिक इलाकों में जानवरों की कुर्बानी की इजाजत नहीं है।

हालांकि अब देखना होगा कि किरीट सोमैया की मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और इस बार नियमों का पालन कितनी सख्ती से कराया जाता है।

Updated on:
18 May 2026 09:04 am
Published on:
18 May 2026 09:02 am