महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों की सरगर्मी के बीच राजनीतिक दलों के भीतर उथल-पुथल भी तेज हो गई है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, जबकि 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस बीच बीजेपी ने बगावत करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के लिए चुनाव प्रचार चरम पर है। जहां 15 जनवरी को वोट डाले जाएंगे और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे। इस बीच, बगावत करने वाले नेताओं पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी कार्रवाई की है। आगामी 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले मुंबई बीजेपी ने अनुशासनहीनता और पक्ष-विरोधी गतिविधियों के आरोप में 26 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है।
बीजेपी की इस बड़ी कार्रवाई ने मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनावी माहौल में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि निलंबित होने वालों में मुंबई के कई दिग्गज और पूर्व नगरसेवक भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, टिकट न मिलने से नाराज कई नेताओं ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय पर्चा भर दिया था। वरिष्ठ नेताओं की समझाइश और बार-बार के निर्देशों के बावजूद इन बागियों ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया, जिसके बाद पार्टी ने यह सख्त कदम उठाया है।
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम के निर्देशानुसार पूर्व पार्षद आसावरी पाटील, नेहल शाह और जान्हवी राणे के अलावा दिव्या ढोले, जयमुरगन नाडार और शोभा सालगावकर को छह साल के निलंबित किया गया है। इन सभी नेताओं पर सत्तारूढ़ महायुति के आधिकारिक उम्मीदवारों को सहयोग न करने और पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप है।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर की गई है। पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर गठबंधन धर्म और पार्टी अनुशासन है। ऐसे में बीजेपी की यह 'सर्जिकल स्ट्राइक' पार्टी को भीतरी कलह से बचाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।