
दशहरा के मौके पर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बीकेसी में दशहरा रैली को संबोधित किया। बुधवार को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में सीएम एकनाथ शिंदे ने दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे पर खूब बरसे। शिंदे ने कहा कि वे बालासाहेब के विचारों को मानने वाली शिवसैनिक हैं लेकिन उन्हें दो ही शब्दों से नवाजा गया। एक गद्दार तो दूसरा खोखे। एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमने कोई गद्दारी नहीं की हमने गदर किया है। हमने क्रांति की है। गद्दारी उद्धव ठाकरे ने की है जो 2019 में लोगों से वोट पीएम मोदी की बैनर दिखा कर मांगी और सीएम की गद्दी के लिए कांग्रेस और एनसीपी से मिलकर सरकार बना ली।
सीएम शिंदे ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे कहते हैं कि हम ढाई साल तक क्यों चुप क्यों थे? इसलिए शांत रहे कि उनमें हम बालासाहेब की छवि देखते थे। लेकिन जब देखा कि बालासाहेब के विचारों के साथ आपने गद्दारी की। शिवसैनिकों के भरोसे के साथ गद्दारी की तो हमने शिवसेना को बचाने के लिए ये बड़ा कदम उठा लिया। यह भी पढ़ें: Dussehra Rally 2022: दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे और बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- ‘गद्दार को गद्दार नहीं तो और क्या कहूं?’
सीएम एकनाथ शिंदे ने खुद को बालासाहेब ठाकरे का बताया वारिस
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बीकेसी रैली में कहा कि सबको जवाब मिल गया असली शिवसेना कौन है। मैं एक आम शिवसैनिक हूं। बालासाहेब के विचारों को आपने समर्थन दिया है। उन्होंने कोर्ट से से शिवाजी पार्क तो मिल गया लेकिन बालासाहेब के विचार हमारे साथ हैं।
सीएम एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
सीएम एकनाथ एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मतदाताओं ने आपको और बीजेपी को विधानसभा चुनाव में चुना, लेकिन आपने कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन कर लोगों को धोखा दिया। उद्धव ठाकरे कांग्रेस-एनसीपी की धुन पर नाचते रहे। उन्होंने कहा कि हमने गद्दारी नहीं की। गद्दारी हुई थी लेकिन 2019 में। महाविकास अघाड़ी (MVA) बनाकर गद्दारी की गई थी।
शिवसेना बालासाहेब के विचारों की- एकनाथ शिंदे
अपने बीकेसी के रैली में सीएम एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा। एकनाथ शिंदे ने कहा कि 40 विधायक आपको छोड़ गए, 12 सांसद आपको छोड़ गए। कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी आप का साथ छोड़ दिए। सबको खोखे कह कर मुद्दों को ना छोड़ें। क्यों आपको सब छोड़ गए। आत्मपरीक्षण करने की जरुरत हैं। शिवसेना ना ठाकरे की है ना शिंदे की है। शिवसेना बालासाहेब के विचारों की है।
बालासाहेब ठाकरे के सपने को मोदी और शाह ने पूरा किया- सीएम शिंदे
सीएम एकनाथ एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे के सपने को पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पूरा किया है। ऐसे लोगो के खिलाफ बोलना ठीक नहीं है। बालासाहेब का सपना था राम मंदिर बने, पीएम मोदी ने कर दिखाया। बालासाहेब का सपना था कश्मीर से धारा 370 हटे, अमित शाह ने वो कर दिखाया।
मैंने कुर्सी छो़ड़ दी थी- सीएम शिंदे
रैली के दौरान सीएम शिंदे ने कहा कि मैं बहुत कुछ आपके और अपने बीच की बातें सामने रख सकता हूं। लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा। टाइम आने पर बताऊंगा। आज तो बस इतना कहता हूं कि 2019 में मुझे डिप्टी सीएम बनाए जाने की बात चल रही थी। तभी मुझे बताया गया। मैंने इस बारे में बिना कुछ सोचें-समझें कहा कि नहीं, आप आगे बढ़िए मैं पीछे खड़ा हूं। हम छोड़ने वाले लोग हैं। लेकिन आपने एक झटके में सीएम की कुर्सी के लिए बालासाहेब के विचारों को छोड़ दिया।
RSS के खिलाफ आप लोग खूब बोलते हैं- सीएम शिंदे
सीएम शिंदे ने पीएफआई जैसे संगठनों पर कुछ नहीं कहने पर भी उद्धव ठाकरे को आड़े हाथ लिया और कहा कि आरएसएस का देश के निर्माण में अमूल्य योगदान रहा है। उसके बारे में कई बातें कही जाती हैं। पीएफआई पर बंदी लागू होती है तो कहा जाता है आरएसएस पर भी पाबंदी लगना चाहिए। लेकिन उद्धव ठाकरे इस पर चुप रहते हैं। कैसी लाचारी है यह?
सबकी दुकानें बंद की, केवल आपकी दुकान चालू थी- सीएम शिंदे
सीएम एकनाथ शिंदे ने आगे कहा कि केवल कोरोना-कोरोना कह कर सबको घर बैठा दिया। सारे धंधे चौपट करके रख दिया। बस आपका धंधा चालू था। मुझसे ज्यादा कोई नहीं जानता है कि वो क्या धंधा था। सबकी दुकाने बंद कर दी थी।
उद्धव ठाकरे के आरोपों का सीएम शिंदे ने किया पलटवार
महाराष्ट्र के बीकेसी ग्राउंड में दशहरा रैली में सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसैनिकों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे के आरोपों पर पलटवार किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बाला साहेब के विचारों को आपने समर्थन किया। हमें पूरे महाराष्ट्र में लोगों का भारी जनसमर्थन मिल रहा है। यहां जुटने वाली भीड़ इस बात का साक्षी है।
हमारा वर्क विदाउट होम- सीएम शिंदे
सीएम शिंदे ने कहा कि कोरोना काल के दौरान उनका (उद्धव) वर्क फ्रॉम होम शुरू था। हम वर्क विदाउट होम वाले हैं। कोरोना में लोग मर रहे थे। सिविल सर्जन ने कोरोना सेंटर में जाने से मना किया। लेकिन मैं गया। जो काम करने से घबरा रहे थे, उनको काम पर लगाया। पीपीई किट पहन कर मैं हॉस्पिटल-हॉस्पिटल घूम रहा था। हॉस्पिटल ठीक से काम करें, इस मुहिम में लगा था।
बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क की दशहरा रैली में सीएम एकनाथ शिंदे की तुलना कटप्पा से की। इसपर पलटवार करते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि मुझे कटप्पा कहा जाता है। कहा जाता है कि जिस पार्टी ने मुझे बड़ा बनाया मैं उसको ही धोखा दिया। अरे कटप्पा स्वाभिमानी था। आपकी तरह दोगला नहीं था। दिन रात मैंने शिवसेना के लिए एक कर दिया। मुझ पर 100 मामले दर्ज हैं आप पर कितने मामले हैं?