Mumbai BMC Election: नामांकन दाखिल करने वाले सभी उम्मीदवारों को 100 से 500 शब्दों के बीच एक निबंध लिखना अनिवार्य किया गया था। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरेश काकानी ने बताया कि यह प्रावधान 2018 में लाया गया था।
मुंबई महानगरपालिका (BMC Election) के इतिहास में पहली बार उम्मीदवारों के लिए एक अनोखी शर्त रखी गई थी। पहली बार ऐसा हुआ है कि जब उम्मीदवारों को सिर्फ नामांकन फॉर्म और हलफनामा भरना ही काफी नहीं था, बल्कि उन्हें अपने इलाके के विकास को लेकर 'निबंध' लिखकर अपना विजन बताना पड़ा। वहीं दूसरी ओर, चुनाव आचार संहिता के बीच मुंबई के देवनार इलाके में फ्लाइंग स्क्वाड ने 2.33 करोड़ रुपये की भारी नकदी जब्त कर हड़कंप मचा दिया है।
बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन भरने वाले सभी 2,516 उम्मीदवारों के लिए इस बार एक विशेष कॉलम भरना अनिवार्य किया गया था। इसमें उम्मीदवारों को 100 से 500 शब्दों का एक निबंध लिखना था, जिसमें उन्हें यह बताना है कि चुने जाने पर वे अपने क्षेत्र का विकास कैसे करेंगे, इसके लिए क्या योजना है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरेश काकानी ने बताया कि यह प्रावधान 2018 में लाया गया था और उपचुनावों में इस्तेमाल भी हुआ, लेकिन इतने बड़े स्तर के किसी आम नगर निगम चुनाव में इसे पहली बार लागू किया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि यदि किसी उम्मीदवार ने 'निबंध' वाला कॉलम खाली छोड़ा है, तो जांच के दौरान उनका नामांकन फॉर्म रद्द कर दिया जाए। इस फैसले ने चुनावी मैदान में खड़े कई दावेदारों को चौंका दिया और अब यह नियम चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुंबई के देवनार इलाके में चुनाव आयोग की फ्लाइंग स्क्वाड ने नाकाबंदी के दौरान दो संदिग्ध वैन को रोका। तलाशी लेने पर उनमें से 2 करोड़ 33 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। हालांकि वैन में मौजूद कर्मचारियों का दावा है कि यह पैसा एटीएम (ATM) में जमा करने के लिए ले जाया जा रहा था। चूंकि राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू है, इसलिए आयकर विभाग और पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह पैसा वास्तव में किसका है और कहां ले जाया जा रहा था। फिलहाल यह रकम पुलिस के कब्जे में सुरक्षित है।
महाराष्ट्र की सभी 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को वोट डाले जाएंगे। जबकि वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा 16 जनवरी को होगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आचार संहिता के दौरान राज्यभर में गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।