मुंबई

महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली! आखिर शिंदे सेना को किससे है खतरा? मुख्यमंत्री विदेश रवाना

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। मुंबई महापालिका चुनाव के नतीजों के बाद सत्ता का गणित तो साफ दिख रहा है, लेकिन अंदरखाने खींचतान ने माहौल गर्म कर दिया है।

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Jan 18, 2026
देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे (Photo: X/@Dev_Fadnavis @mieknathshinde)

मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों ने महाराष्ट्र की सियासत में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की महायुति ने बड़ी जीत दर्ज की है, वहीं दूसरी तरफ मेयर की कुर्सी को लेकर दोनों सहयोगियों के बीच खींचतान शुरू हो गई है। इसी सियासी गरमागरमी के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में शामिल होने के लिए दावोस (स्विट्जरलैंड) गए हैं। जबकि मुंबई में एकनाथ शिंदे अपने नगरसेवकों (पार्षद) को कथित टूट से बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

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शिंदे सेना ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला चाहती है?

मुंबई के बीएमसी चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिंदे गुट के 29 नगरसेवक चुनकर आए हैं। बहुमत का आंकड़ा पार करने के बाद अब पेंच मेयर पद पर फंसा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने भाजपा से ढाई-ढाई साल के लिए मेयर पद की मांग की है। शिवसेना का मानना है कि गठबंधन में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिया जाना चाहिए। जबकि भाजपा चाहती है कि जब उसके सबसे ज्यादा नगरसेवक चुने गए है तो पूरे पांच साल उनका ही मेयर होना चाहिए। इसको लेकर भाजपा-शिवसेना में रस्साकशी की खबर है।

होटल पॉलिटिक्स क्यों?

इस खींचतान के बीच एकनाथ शिंदे ने अपने सभी 29 नगरसेवकों को बांद्रा के आलीशान होटल ताज लैंड्स एंड (Taj Lands End) में शिफ्ट कर दिया है। खबर है कि नगरसेवकों को टूट या दल-बदल की आशंका के चलते शिंदे सेना ने यह कदम उठाया है। लेकिन शिवसेना की ओर से कहा गया है कि मुंबई के नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है, इसके लिए सभी को पांच सितारा होटल बुलाया गया है। इस दौरान अनुभवी नेता उन्हें सदन में कामकाज, मुद्दे उठाने और महायुति में पार्टी की भूमिका को लेकर मार्गदर्शन करेंगे। लेकिन कहा जा रहा है कि पार्टी का असली मकसद अपने खेमे को एकजुट रखना है।

युवा सेना के महासचिव और पार्षद अमे घोले ने मुंबई के मेयर महायुति गठबंधन से होंगे और इस संबंध में सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे।

पहली बार भाजपा का मेयर मुंबई में बैठने जा रहा है, लेकिन उससे पहले यह देखना अहम होगा कि क्या भाजपा शिंदे की मांग मानती है या टकराव और गहराता है। 1985 से बीएमसी पर उद्धव की शिवसेना शासन कर रही थी।

राज्य भर में महानगरपालिका चुनावों में शिवसेना ने 397 पार्षदों का चुनाव जीता है। इनमें मुंबई में 29 पार्षद, ठाणे में 75, कल्याण-डोंबिवली में 54, नवी मुंबई में 42, उल्हासनगर में 36, नासिक में 26, जलगांव में 22, कोल्हापुर में 15, छत्रपति संभाजीनगर में 13 और जालना में 12 नगरसेवक शामिल हैं।

सीएम फडणवीस दावोस पहुंचे

एक तरफ मुंबई में ‘होटल पॉलिटिक्स' चरम पर है, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विश्व आर्थिक मंच (WEF 2026) की बैठक में शामिल होने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री ने एक्स पर जानकारी दी कि वे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के प्रयासों को गति देने के लिए दावोस जा रहे हैं। वे वहां दुनिया भर के निवेशकों के सामने महाराष्ट्र का पक्ष रखेंगे और राज्य के लिए भारी-भरकम निवेश लाएंगे।

Updated on:
18 Jan 2026 03:37 pm
Published on:
18 Jan 2026 03:26 pm
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