किराया नहीं देने पर प्रोजेक्ट से बिल्डर को बेदखल करने की चेतावनी आदेश पर अमल नहीं किया तो बिल्डर के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
मुंबई. चेंबूर स्थित सुभाष नगर की इमारतों के रीडवलपमेंट का प्रोजेक्ट 12 साल से लटका हुआ है। रीडवलपमेंट के लिए नियुक्त आरएनए बिल्डर न तो प्रोजेक्ट पूरा कर रहा है और न ही सोसायटी के सदस्यों को किराया ही दे रहा है। सुभाष नगर में म्हाडा की 56 बिल्डिंग हैं। इन सभी बिल्डिंगों के रीडवलमेंट का काम आरएनए बिल्डर को सौंपा गया है। सोसायटी की शिकायत को म्हाडा ने गंभीरता से लिया है। म्हाडा ने दो टूक कहा है कि सोसायटी सदस्यों के बकाए किराए का भुगतान अविलंब किया जाए। साथ ही प्रोजेक्ट का काम जल्द पूरा करने का आदेश भी दिया गया है।
म्हाडा मुंबई मंडल के अध्यक्ष मधु चव्हाण ने गुरुवार को बताया कि सुभाष नगर की बिल्डिंगों के रहवासियों के साथ आरएनए बिल्डर ने करार किया था। कुछ बिल्डिंग तोड़ी गई हैं, जिनके टीनेंट्स को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि टीनेंट्स के बकाए किराए का भुगतान बिना देरी बिल्डर को करना चाहिए। चव्हाण ने कहा कि यदि टीनेंट्स का किराया बिल्डर ने नहीं चुकाया तो उसे प्रोजेक्ट से बेदखल किया जा सकता है।
रहवासियों के साथ चर्चा
सुभाष नगर के रहवासियों के साथ चव्हाण तीन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इसके तहत कागजात की औपचारिका पूरी करने पर जल्द इमारतों को ओसी दी जाएगी। वहीं बिल्डर की ओर से लोगों का बकाया किराया दिलाया जाएगा। साथ ही बिल्डिंग नंबर 4, 5, 6 के लिए चार दिन के अंदर 1.5 करोड़ रुपए म्हाडा की प्रीमियम फीस अदा करने के बाद सीसी के लिए परमिशन दिया जाएगा। बिल्ंिडग नंबर 1, 3, 14, 15, 29, 42, 47 को ओसी नहीं मिली है, जिस कारण सदस्यों को घर का कब्जा नहीं दिया जा सका है।
30 अगस्त तक समय
चव्हाण ने कहा कि यदि बिल्डर ने 30 अगस्त तक किराया नहीं चुकाया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं सोसायटी की सर्वसाधारण सभा बुला कर बिल्डर को हटाने का निर्णय लिया जा सकता है। इसके बाद म्हाडा की तरफ से बिल्डर पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मैदान पर हुए अतिक्रमण को लेकर भी बिल्डर को चेताया गया है।