
शिवसेना की मांगों को मानेगी सरकार, सीट बंटवारे पर चर्चा जल्द
मुंबई. शिवसेना की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस गुरुवार को खुद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को मनाने उनके निवास मातोश्री पहुंचे।
उद्धव के साथ फडणवीस ने लगभग एक घंटा बैठक की और तमाम विषयों पर चर्चा की। फडणवीस ने बताया कि गठबंधन को लेकर हुई बैठक सकारात्मक रही। उद्धव से मिलने वरिष्ठ मंत्री और अमित शाह के करीबी माने जाने वाले चंद्रकांत पाटील भी थे। उद्धव से मुलाकात के लिए फडणवीस विदर्भ का दौरा आधे में छोड़कर शाम को ही लौट आए।
सूत्रों की मानें तो दिल्ली से भाजपा आलाकमान के निर्देश पर फडणवीस शिवसेना अध्यक्ष उद्धव से गठबंधन को लेकर चर्चा करने पहुंचे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि उद्धव ठाकरे के साथ मुलाकात कर गठबंधन को लेकर सकारात्मक चर्चा की गई है। गठबंधन को लेकर बैठक सफल रही है। देश के जवानों पर हुए आतंकी हमले की घटना के चलते अधिक चर्चा नहीं हो सकी लेकिन, जो भी चर्चा हुई सकारात्मक है। शिवसेना के कुछ मुद्दों पर भी चर्चा हुई है। किसानों, युवाओं आदि कई योजना को लेकर शिवसेना ने प्रश्न उपस्थित किया है। जनहित से जुड़ा मुद्दा है इसलिए सरकार भी उसे सुलझाने का प्रयास करेगी।
विदर्भ दौरे पर थे सीएम
विदर्भ में बुलढाना और वासिम जिले में मुख्यमंत्री दौरे पर थे, यहां वासिम जिले में जाने से पहले ही बीमारी की बात कहकर मुख्यमंत्री औरंगबाद एयरपोर्ट पर आए और डाक्टर से दवाई ली। फिर मुंबई के लिए उड़ान भर ली। मुंबई आने के साथ ही वे सीधे उद्धव ठाकरे के बंगले पर पहुंच गए।
भाजपा और एनडीए पर बढ़ा दबाव
आगामी लोकसभा में जिस प्रकार से विपक्षी दलों की एकजुटता बढ़ी है। उससे भाजपा और एनडीए पर दबाव बढ़ गया है। भाजपा एनडीए में अपने सहयोगी दलों को किसी भी कीमत पर दूर नहीं होने देना चाहती है। महाराष्ट्र में शिवसेना पिछले चार वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार में अपनी उपेक्षा किए जाने को लेकर नाराज है। शिवसेना कई बार अकेले दम पर चुनाव लडऩे का ऐलान भी कर चुकी है। शिवसेना यदि अकेले चुनाव लड़ती है तो सर्वाधिक नुकसान भाजपा को होगा। भाजपा को सत्ता के लिए सीटों का जुगाड़ करना मुश्किल होगा। ऐसे में भाजपा शिवसेना को मनाने का प्रयास कर रही है। बिहार में भी भाजपा ने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के साथ चुनाव पहले ही अपनी 5 सीटों का नुकसान झेलकर समझौता किया है। शिवसेना भी यही चाहती है कि राज्य में उसकी ताकत बढ़े।