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MSRTC कर्मचारियोंकी लॉटरी: महाराष्ट्र सरकार ने वेतन और भत्तों में की भारी बढ़ोतरी; DA और HRA बढ़े, हर महीने आएगा ज्यादा वेतन

MSRTC Salary Hike: महाराष्ट्र के ST कर्मचारियों के लिए मानसून सत्र में बड़ा तोहफा! परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने वेतन, डीए और एचआरए में भारी बढ़ोतरी का किया एलान। हर महीने बढ़ेगा 45 करोड़ का खर्च।
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मुंबई

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Imran Ansari

Jun 23, 2026

MSRTC Salary Hike

IANS PHOTO

DA and HRA Increment: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि सरकार एसटी कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों को मिलने वाले अलग-अलग भत्तों में की गई वृद्धि का पूरा ब्यौरा पेश किया है। संशोधित प्रस्ताव के तहत कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों और वेतन वृद्धि में बढ़ोतरी की गई है। महंगाई भत्ता (DA) 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है, यानी इसमें 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, मकान किराया भत्ता (HRA) को शहरों की श्रेणी के अनुसार 8, 16 और 24 प्रतिशत से बढ़ाकर क्रमशः 10, 20 और 30 प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) भी 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे उनकी कुल आय में और इजाफा होगा।

घाटे में चल रहे निगम पर बढ़ेगा 45 करोड़ का बोझ

इस व्यापक वेतन वृद्धि के कारण पहले से ही वित्तीय तंगी से जूझ रहे एमएसआरटीसी (MSRTC) पर हर महीने लगभग 45 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इस पर बोलते हुए मंत्री सरनाईक ने साफ किया कि निगम पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ की तुलना में कर्मचारियों को न्याय और उनका हक देना सरकार के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि एसटी कर्मचारी पिछले लंबे समय से कम वेतनमान, डीए में विसंगतियों और खराब कार्यदशाओं को लेकर लगातार शिकायतें, विरोध प्रदर्शन और हड़तालें कर रहे थे। सरकार के इस फैसले ने उनकी इन पुरानी मांगों को पूरा कर दिया है, जिससे कर्मचारियों में जश्न का माहौल है।

अवैध पार्सल ले जाने वाली प्राइवेट बसों को सख्त चेतावनी

आपको बता दें कि वेतन वृद्धि के एलान के साथ ही परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने निजी परिवहन क्षेत्र (प्राइवेट बस ऑपरेटरों) को भी आड़े हाथों लिया और एक सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि सरकार अवैध रूप से पार्सल और कार्गो ले जाने वाली निजी बसों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाएगी। यदि कोई भी प्राइवेट ऑपरेटर इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।