महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने एक बड़ा एलान किया हैं। सीएम शिंदे ने महाराष्ट्र में दिव्यांग मंत्रालय की घोषणा की और कहा कि महाराष्ट्र सरकार हर दिव्यांग को उसकी जरूरत का हक दिलाएगी। कुछ दिनों पहले ही सीएम शिंदे ने दिव्यांग बच्चों की समस्याओं को देखते हुए महाराष्ट्र में दिव्यांग मंत्रालय बनाने का एलान किया था।
महाराष्ट्र (Maharashtra) के सीएम एकनाथ शिंदे ने एक बड़ा एलान किया हैं। सीएम शिंदे ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर एक अहम एलान किया है। सीएम शिंदे ने कहा कि राज्य में देश का पहला दिव्यांग मंत्रालय बनाया जायेगा, जो दिव्यांगों की बेहतरी के लिए काम करेगा। सीएम शिंदे ने मुंबई में एक कार्यक्रम में दिव्यांग मंत्रालय बनाने की घोषणा की। मुंबई के कांदिवली में नव दिव्यांग फाउंडेशन की तरफ से स्पोर्ट्स डे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया। इस स्पोर्ट्स डे प्रोग्राम में एक दर्जन से अधिक खेलों में दिव्यांग बच्चों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वैद्यकीय कक्ष प्रमुख मंगेश चिवटे मौजूद रहे। वहीं महाराष्ट्र सरकार में महिला बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा (Mangal Prabhat Lodha) ने अपने वीडियो मेसेज में दिव्यांग बच्चों को हर संभव मदद देने का एलान किया है। यह भी पढ़े: महाराष्ट्र में अब बर्थ सर्टिफिकेट पर होगा एडमिशन, स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर का एलान
बता दें कि मुंबई में बाबासाहेब आंबेडकर उद्यान में नव दिव्यांग फाउंडेशन द्वारा आयोजित किए गए इस प्रोग्राम में सैकड़ों की संख्या में दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चे भी काफी जोश में नजर आए और सभी खेलो में जमकर हिस्सा लिया। अधिकतर दिव्यांग बच्चों में ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे दिखाई दिए जबकि कुछ बच्चों ने व्हील चेयर पर रहकर ही खेलों में भाग लिया।
दिव्यांग मंत्रालय बनाने का किया एलान: बता दें कि सीएम हेल्थ रूम के प्रमुख मंगेश चिवटे ने बताया कि राज्य सरकार ने दिव्यांग मंत्रालय बनाने का एलान किया है, जिससे दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और इनकी जिंदगी को और बेहतर बनाने के लिए खास कदम उठाए जाएंगे। मंगेश चिवटे ने आगे बताया कि समाज को भी अब आगे आना चाहिए ताकि इस तरह के बच्चों को समाज में बराबरी का दर्जा मिल सके। शिंदे सरकार दिव्यांग बच्चों के साथ खड़ी है और उनको हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।
वहीं, दूसरी तरफ नव दिव्यांग फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी संजय मूथा का कहना है कि दिव्यांग बच्चों के मामले हाल-फिलहाल में काफी बढ़े हैं। जिसकी वजह से न तो इन बच्चों को नॉर्मल स्कूलों में एडमिशन मिल पाता है और न ही समाज में इस तरह के बच्चों को कोई खास पहचान मिलती है। हम इस तरह के बच्चों को न सिर्फ रोजमर्रा की जरूरतों के बारे में सिखा रहे हैं बल्कि इन बच्चों को उनके पैरों पर खड़े होने में भी पूरा सहयोग किया जा रहा है। राज्य सरकार से हम अपील करते हैं कि इस तरह के बच्चों की देखभाल के लिए जरूरी कदम उठाए। इस अवसर पर फाउंडेशन के ट्रस्टी गोपाल भागवत, सागर कांबले, अक्षरा और नीलिमा मूथा भी मौजूद रहे।