
मुंबई. म्हाडा पवई और विरार में लगभग 950 नए घर बनवाएगा। इसकी स्वीकृति दे दी गई है। वास्तविक लॉटरी करीब तीन साल बाद निकाली जाएगी। तब तक मुंबईकरों को मुंबई में घरों का इंतजार करना होगा।
महानगरी में जगह कम है, इसलिए गोरेगांव मोतीलाल नगर, पहाड़ी गोरेगांव, बीडीडी चॉल पुनर्विकास जब तक पूरा नहीं होता, जब तक म्हाडा को नया आवास स्टॉक नहीं मिल पाएगा। करीब तीन महीने पहले कई घरों के लिए लॉटरी निकाली गई थी, जिससे लोगों को मुंबई के चेंबूर और पवई तुंगा में घर मिला और इस लॉटरी का बेहतर प्रतिसाद था।
पिछले 10 वर्षों में म्हाडा के माध्यम से 14 हजार 621 मुंबईकरों के सपने पूरे हुए हैं। बीडीडी घरों के पुनर्विकास के साथ म्हाडा को एक हजार 800 ट्रांजिट कैंप मिलेंगे। म्हाडा प्रशासन ने घोषणा की थी कि राज्य के नासिक, पुणे और औरंगाबाद क्षेत्रों में म्हाडा के माध्यम से 14 हजार 621 घरों की लॉटरी की घोषणा की जाएगी।
विरार में घर की कीमत 20 लाख रुपए होगी
म्हाडा की ओर से पवई में 450 एमआईजी और विरार में 500 एलआईजी के लिए निविदा निकाली जाएगी। तीन साल बाद 60-70 लाख रुपए की लागत से पवई में घरों के लिए निविदा निकलेगी। म्हाडा अध्यक्ष उदय सामंत ने कहा कि विरार में मकान 20 लाख रुपए तक होंगे।