पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई . जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ( जेएनयू ) के कैंपस में आज शाम जमकर बवाल और मारपीट हुई। वामपंथी छात्रों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी ) के छात्रों के बीच झड़प हुई है। दोनों गुट एक दूसरे पर इस बवाल का आरोप लगा रहे हैं। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। इस घटना का असर मुंबई में भी देखने को मिल रहा है | देर रात को गेटवे ऑफ इंडिया पर बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा हुए और कैंडल लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे है | इस प्रदर्शन में छात्रों के साथ ही स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए है |
जानकारी हो कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस में रविवार को छात्रों के बीच जमकर लाठी, डंडे और पत्थर चले। यह हिंसक झड़प जेएनयू टीचर्स असोसिएशन की पब्लिक मीटिंग के दौरान हुई। लेफ्ट जहां हिंसा के लिए एबीवीपी को जिम्मेदार ठहरा रहा है, दूसरी तरफ आरएसएस से जुड़ा छात्र संगठन हिंसा के लिए लेफ्ट को जिम्मेदार ठहरा रहा है। एबीवीपी का आरोप है कि वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्र राजनीतिक हितों के लिए जेएनयू में इमर्जेंसी जैसे हालात पैदा कर रहे हैं। उसका आरोप है कि लेफ्ट के छात्र रजिस्ट्रेशन नहीं होने दे रहे थे और जिन छात्रों ने रजिस्ट्रेशन की मांग की थी उन्हें हॉस्टलों में घुस-घुसकर मारा-पीटा गया।एबीवीपी की नैशनल जनरल सेक्रटरी निधि त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि लेफ्ट के छात्रों ने जेएनयू में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वामपंथी छात्रों ने जेएनयू में शिक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। पहले स्टूडेंट्स को क्लास नहीं लेने दिया गया। उसके बाद स्टूडेंट्स को पेपर नहीं देने दिया गया। उसके बाद स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन करने से रोक रहे थे और आज जब स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करने के लिए सामने आए, बोला कि हम रजिस्ट्रेशन करेंगे, इस बात से गुस्से में आकर वामपंथी छात्रों ने हॉस्टलों में घुस-घुसकर उन छात्रों को मारा है जिन्होंने रजिस्ट्रेशन की मांग की थी। बहुत बुरी तरह से मारा है। लाठी, डंडा, रॉड जो कुछ भी उनके हाथ में था, उससे हमला किया है। बहुत से छात्र घायल हुए हैं। अस्पताल में भर्ती हैं। ये वही लोग हैं जो नहीं चाहते कि जेएनयू कभी सामान्य परिस्थिति में आ पाए और शिक्षण प्रक्रिया सामान्य हो।...नकाब पहनकर ये वामपंथी छात्र हॉस्टलों में घुस-घुसकर छात्रों को पीटा है। पत्थर भी फेंके हैं। |