मुंबई

Diwali 2022: धनतेरस के दिन करें कोल्हापुर के इस मंदिर का दर्शन, बरसने लगेगी मां लक्ष्मी की कृपा

धनतेरस का त्योहार दिवाली से दो दिन पहले मनाया जाता है। कार्तिक महीने की तेरस के दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। इस दिन पूजा करने से धन के भंडार में कमी नहीं होती है। भारत में एक ऐसा महालक्ष्मी मंदिर है जहां धनतेरस और दिवाली के शुभ मौके पर दर्शन मात्र से सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं।

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Oct 20, 2022
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Mahalaxmi Temple

धनतेरस और दिवाली का त्योहार लक्ष्मी का त्योहार होता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा बड़े ही धूम धाम से की जाती है। मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी कहा जाता हैं। धनतेरस के दिन लक्ष्मी की पूजा करने का खास फल मिलता है। करोड़ों भक्त हर रोज मां लक्ष्मी की पूजा-पाठ करते हैं। खासकर धनतेरस और दिवाली के शुभ मौके पर पूजा-पाठ करने से घर में लक्ष्मी यानी धन की प्राप्ति होती है। इस साल 22 अक्टूबर को धनतेरस और 24 अक्टूबर को दिवाली है।

वहीं, महाराष्ट्र का एक मंदिर ऐसा हैं जहां धनतेरस के दिन पूजा का अलग महत्व है। यहां के लोगों की मान्यता है कि धनतेरस वाले दिन मंदिर में मां लक्ष्मी की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ करने पर धन से जुड़ी सारी दिक्कतें समाप्त हो जाती हैं। इस मौके पर कई लोग मशहूर और पवित्र लक्ष्मी मंदिरों में मां लक्ष्मी का दर्शन करने के लिए आते हैं। यह भी पढ़े: Maharashtra News: ठाणे में कल हो सकती है दूध की किल्लत, सामने आई ये बड़ी वजह

मां लक्ष्मी का ये खास मंदिर महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है। धनतेरस और दिवाली के दिन कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर के दर्शन करने के लिए लोगों की बहुत भीड़ होती है। बड़ी तादाद में श्रद्धालु मां लक्ष्मी के दर्शन के लिए यहां आते हैं। इस दौरान मंदिर को फूलों और खूबसूरत लाइटों से जगमगा उठता है। श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ मां लक्ष्मी के दर्शन करते हैं।

महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास: कोल्हापुर में स्थित महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित मां लक्ष्मी की प्रतिमा लगभग 7 हज़ार से भी प्राचीन है। इस मंदिर के भीतर माता लक्ष्मी मंदिर के साथ-साथ भगवान सूर्य, दुर्गा माता और विष्णु आदि के अलावा कई देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित है। मिली जानकारी के मुताबिक इसे 11 वीं सदी में स्थापित किया गया था। तभी से मंदिर की पूजा होती चली आ रही है।

बता दें पौराणिक मान्यता के मुताबिक, एक बार भगवान विष्णु से नाराज होकर मां लक्ष्मी यहां आईं थी। तभी से मां लक्ष्मी यहीं पर निवास करती हैं। मां लक्ष्मी के 108 शक्तिपीठ माने गए हैं। कोल्हापुर की महालक्ष्मी इन्हीं शक्तिपीठों में से एक हैं। यहां साल में एक बार इस मंदिर के भीतर सूर्य की सीधी किरणें पड़ती हैं। इस मंदिर की मिट्टी को बहुत ही पवित्र माना जाता है। यहां के लोगों का मानना है कि मंदिर परिसर की मिट्टी को उठाकर अगर घर की तिजोरी में रख दिया जाए तो कभी धन की कमी नहीं हो सकती है।

Updated on:
20 Oct 2022 04:25 pm
Published on:
20 Oct 2022 04:24 pm