मुंबई

‘कॉकरोच’ के बाद अब ‘E20 जनता पार्टी’ का हल्लाबोल, 100% शुद्ध पेट्रोल की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी

E20 Janta Party: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में 'E20 जनता पार्टी' नाम का एक नया समूह मैदान में उतर आया है। E20JP ने शुद्ध पेट्रोल का विकल्प, सस्ती कीमत और पारदर्शी लेबलिंग की मांग उठाई है। जानिए पूरा मामला।
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Jul 27, 2026
E20 Petrol protest
CJP के बाद अब 'E20 जनता पार्टी' का हल्लाबोल (Photo: e20_jantaparty/IANS)

E20 Petrol Controversy: देश में E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर एक बार फिर बहस तेज होती दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर सक्रिय एक नए समूह 'E20 जनता पार्टी' (E20JP) ने केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। E20JP का कहना है कि वह वाहन मालिकों को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल (Unblended Petrol) खरीदने का कानूनी विकल्प उपलब्ध कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की भी मांग की गई है।

E20JP का दावा है कि सोशल मीडिया पर उसका समर्थन तेजी से बढ़ रहा है। इसी महीने शुरू किये गए इंस्टाग्राम हैंडल पर फॉलोअर्स की संख्या डेढ़ लाख के पार पहुंच गई है। बता दें कि E20 पेट्रोल को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। कई वाहन मालिकों ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से उनके वाहनों की माइलेज प्रभावित हुआ है और इंजन पर भी असर पड़ा है। वहीं, सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग ने इन आशंकाओं को खारिज किया है।

E20 पेट्रोल का विरोध क्यों?

'E20 जनता पार्टी' के संस्थापकों और समर्थकों का आरोप है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाए जाने से पुराने और नए दोनों तरह के वाहनों के इंजन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका दावा है कि इससे वाहनों की माइलेज कम हो रही है, इंजन में खराबी बढ़ रही है और उपभोक्ताओं को समान कीमत पर कम गुणवत्ता वाला ईंधन मिल रहा है।

क्या है प्रमुख मांगें?

E20 जनता पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ-साथ 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल खरीदने का स्पष्ट और कानूनी विकल्प उपलब्ध कराया जाए। यदि E20 ईंधन का उत्पादन अपेक्षाकृत कम लागत में होता है, तो इसकी कीमत भी सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए। साथ ही सभी पेट्रोल पंपों पर स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किस नोजल में कितना प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित है, ताकि उपभोक्ता जानकारी के आधार पर ईंधन चुन सकें।

नितिन गडकरी के बयान पर बढ़ा विवाद

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सुरक्षित है और यदि कोई उपभोक्ता पूरी तरह शुद्ध पेट्रोल चाहता है तो उसे अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना भी हुई। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह दावा भी किया गया कि उनके बेटे का एथेनॉल उत्पादन क्षेत्र से जुड़ा व्यावसायिक हित है और इसी कारण यह नीति लाई गई है। हालांकि, इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

सरकार का क्या है पक्ष?

केंद्र सरकार का कहना है कि E20 ईंधन को वैज्ञानिक परीक्षणों और ऑटोमोबाइल उद्योग की स्वीकृति के बाद लागू किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल E20 से पीछे हटकर E0 या E10 पेट्रोल पर लौटने का कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया है कि वर्तमान में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

Updated on:
27 Jul 2026 09:33 am
Published on:
27 Jul 2026 08:43 am