
मुंबई): प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने एक सीए को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सीए ने अपने रूतबे का गलत इस्तेमाल कर निवेशकों को नुकसान पहुंचाया और विदेशों में भी गैरकानूनी तरीके से पैसों की हेराफेरी की।
प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई के चार्टड अकाउंटेंट दनेश जाजोडिया को 1000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के कथित आरोप में गिरफ्तार किया है। दिनेश जाजोडिया को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) के तहत मुंबई स्थित उसके ऑफिस से ही धर दबोचा। उस पर विदेशों में गैरकानूनी रूप से धन की हेराफेरी करने का कथित आरोप है। विदित हो कि इस लॉन्ड्रिंग में अन्य लोगों के भी शामिल होने का आरोप है। जाजोडिया यूएई, हांगकांग और ब्रिटिश विर्जिन आईलैंड स्थित अनेक कंपनियों में निदेशक और अधिकृत अधिकारी था और अपने रुतबे का गलत इस्तेमाल कर रहा था। इसके विरुद्ध विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड की कथित लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही थी और ये बॉन्ड करीब 1000 करोड़ रुपये के थे।
निवेशकों को पहुंचाया नुकसान
जाजोडिया इस समय भारत में जियोडेसिक लि. का कर-सलाहकार और प्रैक्ट्सि से सीए है। ईडी का कहना है कि उसने लंदन की सिटी बैंक की सहायता से 12.50 करोड़ रुपये बांड द्वारा जमा करवाए थे और इसके लिए उसने एक ट्रस्टी का काम किया था। इन बॉन्ड की परिपक्वता का समय आया तो जियोडेसिक इन बॉन्ड का पुन: भुगतान नहीं कर सकी। इस तरह उस पर आरोप है कि उसने अनेक 'शेल या फर्जी कंपनियों की मदद से एक आपराधिक षड्यंत्र रचा और कई निवेशकों को नुकसान पहुंचाया है ।
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