
मुंबई में 'सफेद पट्टी' विवाद पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान (Photo: X/IANS)
मुंबई की सड़कों पर जैन समुदाय द्वारा बनाई गई सफेद पट्टियों को लेकर छिड़ा विवाद अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। जैन समुदाय की धार्मिक परंपरा से जुड़ी इन सफेद पट्टियों का राज ठाकरे की मनसे और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) द्वारा विरोध किए जाने के बाद अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मनसे पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज में दरार पैदा करने और हर बात में बेवजह राजनीति घसीटने से वोट नहीं मिलने वाला है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि किसी भी समाज को दूसरे समाज के खिलाफ खड़ा करना या उनके बीच वैमनस्य पैदा करना सही नहीं है। उन्होंने सभी समुदायों से एक-दूसरे की परंपराओं और भावनाओं का सम्मान करने की अपील की।
दरअसल, जैन साधु-संत जब अपने अनुयायियों के घरों या किसी धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचते हैं, तब उनके मार्ग पर सफेद रंग की पट्टियां बनाई जाती हैं। जैन समुदाय का कहना है कि साधु-संत नंगे पैर चलते हैं, इसलिए गर्म सड़क से उनके पैरों को राहत मिले और रास्ते में छोटे जीव-जंतुओं की रक्षा हो सके, इसी उद्देश्य से ये सफेद पट्टियां बनाई जाती हैं।
हाल ही में मुंबई के घाटकोपर, विद्याविहार, दादर, गिरगांव और चर्नी रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर ऐसी सफेद पट्टियां दिखाई दीं। घाटकोपर पश्चिम स्थित कैलास एवेन्यू सोसायटी के बाहर बनाई गई सफेद पट्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया। सबसे पहले यूट्यूबर प्रसाद वेदपाठक ने यह मुद्दा उठाते हुए सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट की थी, फिर इसमें मनसे की एंट्री हुई।
इस मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सबसे पहले आक्रामक रुख अपनाया। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने दादर में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को सफेद पट्टियां हटाने की मांग की। मनसे नेता ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर बिना अनुमति ऐसे पट्टियां बनाना ‘सांस्कृतिक आतंकवाद’ है।
विवाद बढ़ने के बाद बीएमसी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों पर इस प्रकार की पट्टियां बनाने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद कई स्थानों से इन पट्टियों को हटाया गया।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए, जिसके बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेने लगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर यह कतई जरूरी नहीं है कि मैं हर किसी की बेतुकी बात पर अपनी प्रतिक्रिया दूं। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी समाज की कोई परंपरा है तो उसे निभाने का अधिकार है, लेकिन साथ ही अन्य समाजों की भावनाओं और सार्वजनिक नियमों का भी सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "किसी भी समाज को दूसरे समाज के सामने खड़ा करना और उनके बीच तनाव पैदा करना उचित नहीं है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान एक-दूसरे की परंपराओं और भावनाओं का सम्मान करना है। लेकिन, परंपरा का पालन करने वालों को भी यह ध्यान रखना होगा कि वे अन्य समाजों की भावनाओं और आदर का पूरा ख्याल रखें।"
फडणवीस ने यह भी कहा कि हर मुद्दे को विवाद और राजनीति का विषय बनाना सही नहीं है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा देते हैं, लेकिन इससे न तो समाज का भला होता है और न ही राजनीतिक लाभ मिलता है।
Updated on:
14 Jun 2026 05:49 pm
Published on:
14 Jun 2026 05:43 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
