मुंबई

Parimatch: ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर ईडी का शिकंजा, 110 करोड़ की रकम जब्त, 17 ठिकानों पर मारे छापे

Parimatch Betting App : ईडी की जांच में पता चला कि ऑनलाइन गेमिंग-सट्टेबाजी ऐप ने अपने यूजर्स को बंपर रिटर्न का वादा करके धोखा दिया और एक साल में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की।
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Updated: 15 Aug 2025, 3:52 PM IST
ED Raid in Maharashtra
Parimatch के खिलाफ ईडी का बड़ा ऑपरेशन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप ‘पैरीमैच’ (Parimatch) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस हफ्ते की शुरुआत में मुंबई, दिल्ली, नोएडा, जयपुर, सूरत, मदुरै, कानपुर और हैदराबाद में 17 ठिकानों पर छापेमारी कर ईडी ने 110 करोड़ रुपये से अधिक की रकम म्यूल खातों में फ्रीज कर दी और 1,200 म्यूल क्रेडिट कार्ड जब्त किए। म्यूल अकाउंट (Mule Account) वे बैंक खाते होते हैं जिन्हें दूसरों के नाम पर खोलकर अवैध लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

ईडी की यह कार्रवाई पैरीमैच ऐप से जुड़े मामले में हुई, जिसे साइप्रस (Cyprus) से संचालित किया जाता है। बताया जा रहा है कि सट्टेबाजी का यह काला कारोबार भारत में कई अवैध गतिविधियां चला रहा था। जांच में सामने आया कि ऐप ने निवेशकों यानी अपने यूजर्स को बढ़िया रिटर्न देने का झांसा देकर केवल एक साल में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए। ये रकम म्यूल खातों के जरिए दक्षिण और पश्चिम भारत में अलग-अलग तरीकों से छुपाई जाती थी।

ईडी के मुताबिक, पैरीमैच ने खेल टूर्नामेंट की स्पॉन्सरशिप, मशहूर हस्तियों के साथ साझेदारी और आकर्षक इनामों का लालच देकर लोगों को फंसाया। भारत में ‘पैरीमैच स्पोर्ट्स’ और ‘पैरीमैच न्यूज’ नाम से कंपनियां बनाकर उसने विज्ञापन चलाए, जिनके भुगतान विदेश से आने वाली रकम से किए गए।

जांच के दौरान ईडी ने पाया कि एक मामले में यूजर्स द्वारा म्यूल खातों में जमा की गई रकम तमिलनाडु के एक इलाके में नकद निकाली गई और हवाला ऑपरेटरों को सौंप दी गई। इसके बाद यह पैसा ब्रिटेन स्थित एक कंपनी के वर्चुअल वॉलेट में डाला गया।

Updated on:
15 Aug 2025, 3:52 PM IST
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