नगरसेवकों को होटल में रखने के सवाल पर शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि 29 में से 19 नगरसेवक पहली बार चुने गए हैं और उन्हें महानगरपालिका के कामकाज की जानकारी देने के लिए दो दिन का प्रशिक्षण शिविर रखा गया है।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को भले ही स्पष्ट बहुमत मिल गया हो, लेकिन मेयर कौन बनेगा, इस पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। इसी बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट के नगरसेवकों को लेकर बड़ा दावा किया है। राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कई नवनिर्वाचित नगरसेवक चाहते हैं कि भाजपा का मेयर नहीं होना चाहिए। हालांकि शिंदे गुट ने करारा पलटवार किया है।
शिंदे गुट द्वारा अपने 29 नवनिर्वाचित नगरसेवकों को बांद्रा के फाइव स्टार होटल ताज लैंड्स एंड में रखे जाने पर संजय राउत ने कटाक्ष किया। राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट ने अपने नगरसेवकों को कैद कर रखा है। बाहर पहरा लगाया गया है। उन्हें खुली हवा में सांस लेने दिया जाये। राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि वे भी ताज में खाना खाने जा रहे हैं।
राउत ने यह भी कहा कि बहुमत चंचल होता है और वह कभी भी इधर-उधर खिसक सकता है। उन्होंने कहा कि भले ही भाजपा के पास 89 सीटें हों, लेकिन बहुमत से केवल 4 सीटें ही ज्यादा है, वह भी शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को साथ लेकर।
राउत ने दावा किया कि होटल में बंद कई नगरसेवक असली शिवसैनिक हैं और नगरसेवकों को कितने दिन होटल में बंद करके रखा जा सकता है। उनके मन में अब भी मराठी अस्मिता की मशाल जल रही है। अगर भगवान की इच्छा हुई तो मेयर शिवसेना का बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास लगातार संदेश आ रहे हैं और हालात तेजी से बदल सकते हैं।
राउत ने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच फोन पर बातचीत हुई है और पर्दे के पीछे कई स्तरों पर चर्चा चल रही है। राउत के इस बयान ने सूबे का सियासी पारा चढ़ा दिया है।
राज्यसभा सांसद संजय राउत के दावों को खारिज करते हुए शिंदे गुट की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी नगरसेवक मीडिया से खुलकर बात कर रहे हैं और किसी को जबरन नहीं रोका गया है, बल्कि वहां दो दिन का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। असल में उद्धव गुट को अपने ही नगरसेवकों के टूटने का डर सता रहा है, इसलिए वे ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं।
म्हात्रे ने कहा कि 29 में से 20 नगरसेवक पहली बार चुनकर आए हैं। उन्हें बीएमसी के कामकाज और सदन की कार्यवाही समझाने के लिए वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन दे रहे हैं। खुद एकनाथ शिंदे भी उनसे मिलने आएंगे।
मुंबई के मेयर पद को लेकर बार्गेनिंग की अटकलों पर भी शीतल म्हात्रे ने विराम लगाते हुए कहा कि ऐसे सभी फैसले पार्टी के मुखिया एकनाथ शिंदे लेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि महायुति में कोई सौदेबाजी नहीं हो रही है और गठबंधन पूरी मजबूती से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने साफ किया कि चुनाव महायुति के रूप में भाजपा के साथ लड़ा गया था और जो जीत मिली है, वह सामूहिक जनादेश है। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट आगे भी भाजपा नीत महायुति गठबंधन के साथ ही रहेगा और मेयर पद समेत सभी फैसले गठबंधन में ही लिए जाएंगे।