मुंबई

KDMC Hospital Dombivli: डोंबिवली में डॉक्टरों पर बरसी लाठियां, FAIMA ने महाराष्ट्र CM से की तत्काल गिरफ्तारी की मांग

FAIMA letter to CM: अस्पताल के भीतर लात-घूंसों से पिटते डॉक्टरों का वीडियो वायरल होने के बाद देश का चिकित्सा जगत उबल पड़ा है। अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों ने अब काम बंद कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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Jul 08, 2026
KDMC Hospital in Dombivli
KDMC Hospital in Dombivli

Doctors assault Maharashtra: क्या डॉक्टर होना इस देश में कोई गुनाह है? क्या राजनेताओं की शह पर सफेद कोट पहनने वालों का खून बहाना अब आम बात हो गई है? यह तीखे सवाल आज देश के हर उस डॉक्टर के जेहन में तैर रहे हैं, जो डोंबिवली के केडीएमसी (KDMC) शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई हैवानियत के गवाह बने हैं। सत्ता के नशे में चूर एक स्थानीय रसूखदार और उसके गुर्गों ने अस्पताल परिसर के भीतर महिला डॉक्टर और नर्सों समेत चिकित्सा कर्मियों को बेरहमी से पीट डाला। इस शर्मनाक घटना ने न सिर्फ सूबे की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चल रहे दावों की पोल खोल दी है।

क्या था पूरा विवाद? क्यों भड़की हिंसा?

दरअसल, सोमवार शाम को शास्त्रीनगर अस्पताल में एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए लाया गया था। जांच के बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने पाया कि अजन्मे बच्चे के गले में गर्भनाल के दो फेरे लिपटे हुए हैं, जिसके लिए तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन (LSCS) की जरूरत थी। चूंकि ऑपरेशन के बाद नवजात को स्पेशल 'नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट' (NICU) बेड की जरूरत पड़ सकती थी और अस्पताल के सभी एनआईसीयू बेड पहले से भरे हुए थे, इसलिए डॉक्टरों ने मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें दूसरे बड़े केंद्र में रेफर करने की सलाह दी।

म्हात्रे के तीन सहयोगी गिरफ्तार

जैसे ही यह मामला सुर्खियों में आया तो देश के चिकित्सा जगत में गुस्सा फूट पड़ा। ऐसे में ठाणे पुलिस ने शिवेसना पार्षद रमेश म्हात्रे के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया है कि रमेश म्हात्रे फरार है और उसे पकड़ने के लिए कई टीम बनाई गई है। इस मामले में एक महिला को भी आरोपी बनाया गया है, वह भी फरार है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। KDMC के शास्त्री नगर स्थित अस्पताल के कर्मचारियों का आरोप है कि मंगलवार को रमेश म्हात्रे और उसके सहयोगियों ने उनके साथ मारपीट की। यह विवाद एक महिला मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के बाद शुरू हुआ था।

सरकार उचित फैसला करेगी

महाराष्ट्र के पब्लिक हेल्थ मिनिस्टर प्रकाश आबिटकर ने इस मामले में कहा कि जब भी उनके सामने मामला आएगा तो सरकार उचित फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मतभेद होते रहते हैं। ऐसी स्थिति में, अपील करने और शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकारी मौजूद होते हैं। लेकिन शारीरिक हमला करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला डॉक्टरों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

Updated on:
08 Jul 2026 02:26 pm
Published on:
08 Jul 2026 01:25 pm
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