मुंबई

धोखाधड़ी: अधिकारियों के साथ बिल्डर की मिलीभगत, म्हाडा को अरबों का नुकसान

सरकार को हिलाने वाले 'आदर्श'से भी बड़ा है यह घोटाला अधिकारियों ने ध्यान दिया होता तो बचा जा सकता था इस नुकसान से
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Aug 13, 2019
Patrika Pic
धोखाधड़ी: अधिकारियों के साथ बिल्डर की मिलीभगत, म्हाडा को अरबों का नुकसान

- रोहित के. तिवारी
मुंबई. अंधेरी और जोगेश्वरी के बीच स्थित ओशिवरा इलाके में 9,500 वर्ग मीटर के भूखंड पर आलीशान इमारत खड़ी करने से जुड़े घोटाले की एक-एक परत अब खुल रही है। फर्जी दस्तावेजों की बुनियाद पर बहुमंजिला टॉवर खड़ा करने में बिल्डर सफल नहीं हो पाता यदि म्हाडा के अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई की होती। साफ संकेत मिल रहा कि बिल्डर के साथ म्हाडा के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत थी। इस घोटाले में म्हाडा के कार्यकारी इंजीनियर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। हकीकत में बिल्डर की जेब भरी गई है, जबकि इस प्रोजेक्ट से म्हाडा को 2000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
जानकारों का कहना है कि ईमानदारी से जांच कराई जाए तो सब कुछ बेनकाब हो सकता है। इसमें म्हाडा के कई अधिकारी फंस सकते हैं। आश्वासन तो कई बार मिले हैं, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कहने को जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा भी कर रही है, लेकिन जब तक इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश नहीं होगी, कुछ नहीं कहा जा सकता। माना जा रहा कि यह घोटाला कुछ साल पहले सरकार को हिला कर रख देने वाले बहुचर्चित 'आदर्श' घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।

ढाई से पांच करोड़ के फ्लैट
ओशिवरा परिसर में सर्वे नंबर 33/8 में मुंबई म्हाडा बोर्ड के 9,500 वर्ग मीटर भूखंड पर झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना के तहत यह घोटाला किया गया है। म्हाडा अफसरों की मिलीभगत से यहां पर मर्करी टॉवर नामक आलीशान बिल्डिंग बनाई गई। इस बिल्डिंग में कुल 208 फ्लैट हैं, जिनमें से प्रत्येक की कीमत 2.5 से पांच करोड़ रुपए के बीच है। घोटाला सामने आने के बाद फ्लैटों की बिक्री पर विराम लग गया है। इससे पहले अधिकांश फ्लैट बेचे जा चुके हैं।

पुलिस ने किया गुमराह
इस मामले में बांबे हाईकोर्ट को बिल्डर के साथ ही पुलिस ने गुमराह किया है। हालांकि इस मामले की जानकारी केंद्र सरकार के अलावा राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति समेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी है। शिकायतकर्ता अभिजीत शेट्टी के मुताबिक म्हाडा की विजिलेंस टीम की ओर से भी एक विशेष रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। म्हाडा के मुंबई बोर्ड अध्यक्ष मधु चव्हाण ने इस मामले में लिखित आदेश जारी करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई का आदेश दिया है।


म्हाडा अध्यक्ष उदय सामंत ने कहा कि हमने मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित विभाग को जांच का आदेश दिया गया है। मामले में जिस किसी को भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
13 Aug 2019 10:35 am