महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन बड़े धूम धाम से किया गया। गणेश भक्तों ने बप्पा का विसर्जन नम आंखों से किया। ऐसे में लालबाग के राजा के विसर्जन में कई लोग अंतिम दिन लालबाग इलाके में बप्पा के दर्शन करने आते हैं। इस बार बप्पा के अंतिम दर्शन के लिए काफी भीड़ उमड़ी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर भामतों ने आम लोगों के मोबाइल और जेवर लूट लिए।
महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन बड़े धूम धाम से किया गया। गणेश भक्तों ने बप्पा का विसर्जन नम आंखों से किया। मुंबई और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को गणपति विसर्जन जुलूस बड़ी धूमधाम से निकाला गया। कोरोना के दो साल बाद हो रहे विसर्जन जुलूस को गणेश भक्तों ने सहज प्रतिक्रिया दी। इस विसर्जन में मुंबईकरों की भारी भीड़ जमा हुई थी। इस भीड़ का फायदा चोरों ने भी उठाया। लालबागचा राजा गणपति विसर्जन जुलूस में चोरों ने 50 मोबाइल फोन, सोने के जेवर चुरा लिए. इससे गणेश भक्तों को भारी धक्का लगा।
एक तरफ जहां पिछले दस दिनों से देखा गया कि लाल बाग के राजा गणपति के दर्शन के लिए गणेश भक्त घंटों लाइन में लगे रहे। गणपति विसर्जन के अंतिम दिन एक बार फिर गणेश भक्तों को कतार में खड़ा होना पड़ा। सिर्फ यही कतार थाने के बाहर लगाई गई थी। इसका कारण था विसर्जन जुलूस में चोरों द्वारा की गई चोरी। यह भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi 2022: महाराष्ट्र के इस गांव में 74 साल से नहीं हुई थी गणेश मूर्ति 'विसर्जित', जानें क्या है इसके पीछे की वजह
बता दें कि गणपति जुलूस के दौरान चुराए गए सामानों की रिपोर्ट करने के लिए गणेश भक्त कालाचौकी पुलिस स्टेशन पहुंचे। सभी की शिकायत दर्ज कराने के लिए गणेश भक्तों ने थाने के बाहर लाइन लगा दी। पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी और जेवरात चोरी के कई मामले दर्ज करते हुए उसकी नाक में दम कर दिया।
आशंका जताई जा रही है कि चोरी गुरुवार दोपहर 1 से 3:30 बजे के बीच बड़े पैमाने पर हुई। लालबाग के राजा के विसर्जन में कई लोग अंतिम दिन लालबाग इलाके में बप्पा के दर्शन करने आते हैं। इस साल विसर्जन जुलूस में भारी भीड़ देखने को मिली। इसी भीड़ का फायदा उठाकर भामतों ने आम लोगों के मोबाइल और जेवर लूट लिए।
कालाचौकी पुलिस में चोरी की करीब 50 शिकायतें दर्ज की गई हैं। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अब इन चोरों को पकड़ने की चुनौती पुलिस के सामने होगी। इससे पहले पुणे में भी मोबाइल फोन चोरों की सीसीटीवी फुटेज सामने आई थी। अब पुलिस द्वारा दुकानों व अन्य वीडियो के जरिए जांच किए जाने की संभावना है। यह देखना होगा कि क्या ये चोर पकड़े जाते हैं और क्या पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने में सफल होती है।