Ganapati Visarjan 2023: मुंबई में कुल 2,729 सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को पंडाल बनाकर सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव आयोजित करने की अनुमति बीएमसी ने दी है।
Mumbai Ganapati Celebration: मुंबई में दस दिवसीय गणेश उत्सव के दूसरे दिन बप्पा की विदाई (Ganesh Visarjan 2023) का सिलसिला शुरू हो गया है। कई भक्तों ने भगवान गणेश की प्रतिमा शहर के विभिन्न तटों पर जाकर अरब सागर में, तालाबों आदि में विसर्जित की। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तिभाव और उत्साह के साथ बप्पा की शोभायात्रा निकाल रहे है। ढोल-तासों और 'गणपति बप्पा मोरया' (Ganpati Bappa Morya) की गूंज के साथ मूर्तियों को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा है।
मुंबई में गणपति विसर्जन की पूरी तैयारी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने की है। बीएमसी ने इस साल विसर्जन के लिए 69 प्राकृतिक जल निकायों पर इंतजाम किये है। साथ ही कृत्रिम तालाब भी बनाये गए है। यह तालाब विशेष रूप से जल प्रदूषण को कम करने के लिये तैयार किए गए है। यह भी पढ़े-जुहू चौपाटी पर जेलीफिश का आतंक, 3 बच्चों समेत 6 लोगों को मारी डंक! बरतें सावधानी
वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी मुंबई पुलिस संभाल रही है। मुंबई में करीब 14 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को विसर्जन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
मुंबई में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
एक अधिकारी के मुताबिक, मुंबई में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गयी है। मुंबई में 13,750 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया हैं। गणेशोत्सव के बंदोबस्त में 11,726 कांस्टेबल, 2,024 सब-इंस्पेक्टर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर तक के अधिकारी और 15 डिप्टी कमिश्नर तैनात हैं।
जेलीफिश और स्टिंग-रे से सावधान!
मुंबई में कुल 2,729 सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को पंडाल बनाकर सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव आयोजित करने की अनुमति बीएमसी ने दी है। गणेश उत्सव 28 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होगा।
वहीँ, जेलीफिश और स्टिंग-रे से सावधान रहने की अपील की गयी है। समुद्र तटों पर जेलीफिश और स्टिंग-रे के डंक मारने का खतरा है। इसलिए मुंबई नगर निगम (BMC) ने समुद्र किनारे जाने वाले मुंबईकरों से सावधानी बरतने की अपील की है। हाल के वर्षों में गणेश उत्सव के दौरान विसर्जन के लिए गिरगांव चौपाटी आये कई लोगों को जेलीफिश ने काटा था।