
Ganesh Chaturthi 2026: मुंबई में 11 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ सोमवार को पूरा शहर भक्ति और उत्साह में डूब गया। मुंबई की गलियों और मोहल्लों में सुबह से ही ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष सुनाई दिए। ढोल-ताशों की गूंज के बीच श्रद्धालु भगवान गणेश की छोटी-बड़ी प्रतिमाओं को अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में विराजमान करने के लिए ले जाते नजर आए। कहीं पारंपरिक तरीके से गणपति का स्वागत हुआ तो कहीं भव्य जुलूस और आतिशबाजी के बीच बप्पा को पंडाल तक लाया गया।
मुंबई की संकरी गलियों से लेकर भव्य और आकर्षक सजावट वाले सार्वजनिक गणेश मंडलों तक हर तरफ उत्सव का माहौल है। भगवान गणेश के वार्षिक आगमन ने शहर को भक्ति, आस्था और उत्साह के रंग में रंग दिया है।
गणेशोत्सव की शुरुआत विधिवत प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुई। परिवारों और सार्वजनिक गणेश मंडलों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना, आरती और मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बप्पा का आशीर्वाद लिया और सुख-समृद्धि की कामना की।
बड़े गणेश मंडलों ने अपनी विशाल प्रतिमाओं को पिछले कुछ सप्ताह में ही पंडालों में स्थापित कर दिया था। वहीं, छोटे मंडलों और परिवारों ने रविवार रात भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों, जयघोष और गुलाल के बीच गणपति बप्पा को घर लाने की परंपरा निभाई।
गणेशोत्सव के चलते लालबाग, परेल, गिरगांव, अंधेरी, चेंबूर और फोर्ट समेत मुंबई के कई प्रमुख इलाकों में रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट देखने को मिल रही है। दादर, क्रॉफर्ड मार्केट और लोहार चॉल के बाजारों में भी गणेशोत्सव की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
बाजारों में फूल-मालाओं, मिठाइयों, पूजा सामग्री और पारंपरिक मखर की जमकर खरीदारी हो रही है। गणपति की स्थापना के लिए घरों से लेकर सार्वजनिक पंडालों तक विशेष सजावट की गई है।
मुंबई का लालबाग इस बार भी गणेशोत्सव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां लालबाग का राजा, चिंचपोकली, गणेश गली और तेजुकाया जैसे प्रसिद्ध गणेश पंडालों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इन पंडालों में आकर्षक सजावट और भव्य गणेश प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
माटुंगा स्थित जीएसबी सेवा मंडल में भी गणेशोत्सव की खास रौनक देखने को मिल रही है। मंडल ने इस बार भी भगवान गणेश की प्रतिमा को बेशकीमती सोने के आभूषणों से सजाया है। इन बहुमूल्य आभूषणों और चढ़ावे की सुरक्षा के लिए मंडल की ओर से करोड़ों रुपये का बीमा कराया गया है। यहां पूजा-अनुष्ठान में शामिल होने और गणपति के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं।
इसके अलावा तिलक नगर का सह्याद्री मंडल, दक्षिण मुंबई का फोर्ट विभाग सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल, अंधेरी की आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति और गिरगांव का खेतवाडी गणपति मंडल भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
11 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को होगा। इस दिन मुंबई में बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा निकलेगी। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष के साथ प्रतिमाओं को समुद्र तटों और निर्धारित विसर्जन स्थलों तक ले जाएंगे।
विसर्जन के दौरान भारी भीड़ और यातायात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से विशेष व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई में 16,800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और त्वरित कार्रवाई दल भी शामिल हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख गणेश पंडालों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संयम बनाए रखें और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग करें। गणेश विसर्जन के दौरान भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष बंदोबस्त किए जाएंगे।