मुंबई

सेंट्रल जेल में गैंगवार! कुख्यात गैंगस्टर प्रसाद पुजारी को पीटा, 7 कैदियों पर केस दर्ज

Gangster Prasad Pujari Attack : चीन से डिपोर्ट किए गए गैंगस्टर प्रसाद पुजारी को गंभीर चोट नहीं लगने कि जानकारी अधिकारियों ने दी है। सात कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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Jul 13, 2025
आर्थर रोड में फिर बवाल, जेल अधिकारी गंभीर घायल (Photo: IANS)

देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक मुंबई की आर्थर रोड सेंट्रल जेल (Arthur Road Jail) में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। अंडरवर्ल्ड से रिश्ता रखने वाले कुख्यात गैंगस्टर प्रसाद पुजारी पर केंद्रीय जेल के भीतर कथित रूप से हमला हुआ है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने प्रसाद पुजारी समेत कुल 7 कैदियों के खिलाफ दंगा और मारपीट का केस दर्ज किया है।

दो गुटों में गैंगवार!

जानकारी के अनुसार, जेल के भीतर दो अलग-अलग कैदी गुटों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते-देखते हिंसक झड़प में बदल गया। मामला इतना बढ़ गया कि जेल प्रशासन को मुंबई के एनएम जोशी मार्ग पुलिस थाने को सूचना देनी पड़ी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

7 कैदियों में खूनी झड़प

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 7 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें इरफान रहीम खान, शुऐब खान उर्फ भूर्या, अयूब अनुमुद्दीन शेख, मुकेश सीताराम निषाद, लोकेन्द्र उदयसिंह रावत, सिद्धेश संतोष भोसले और गैंगस्टर प्रसाद विट्ठल पुजारी शामिल है।

हालांकि, जेल प्रशासन और पुलिस दोनों का कहना है कि इस घटना में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। फिर भी जेल में हुई इस तरह की हिंसा ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन है प्रसाद पुजारी?

प्रसाद पुजारी का नाता अंडरवर्ल्ड की दुनिया से बताया जाता है। करीब दो दशक तक फरार रहने के बाद मार्च 2024 में उसे चीन से भारत लाया गया था। वह अपनी पत्नी के साथ चीन में छिपा था। वह वहां ट्रैवेल वीजा पर गया था, जो 2008 में ही खत्म हो गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर प्रसाद पुजारी को मार्च 2024 में चीन से डिपोर्ट कर भारत लाया और वह तब से मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसका पूरा नाम प्रसाद उर्फ सुभाष विट्ठल पुजारी उर्फ सिद्धार्थ शेट्टी उर्फ सिद्धू उर्फ सिड उर्फ जॉनी है।

आर्थर रोड जेल की सुरक्षा पर सवाल

आर्थर रोड जेल को देश का हाई-सिक्योरिटी जेल माना जाता है, जहां देश के बड़े अपराधियों और आतंकी आरोपियों को रखा जाता है। ऐसे में जेल के भीतर ही कैदियों के बीच हुई मारपीट ने जेल प्रशासन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जेल प्रशासन ने घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

आर्थर रोड जेल में तीन गुना अधिक कैदी

पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि मई 2025 तक की गणना के अनुसार महाराष्ट्र के 60 जेलों में 39,527 कैदी हैं जबकि इन जेल की कुल क्षमता 27,184 कैदियों को रखने की है। फडणवीस ने राज्य विधान परिषद में कहा था कि मुंबई सेंट्रल जेल (आर्थर रोड जेल) की क्षमता 999 कैदियों की है लेकिन इसमें 3,268 कैदी है, जो इसकी क्षमता से तीन गुना अधिक है। सीएम ने उच्च सदन को बताया था कि सरकार 17,110 और कैदियों को रखने की क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है।

Published on:
13 Jul 2025 01:17 pm
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