Maharashtra Investment : महाराष्ट्र की कैबिनेट उपसमिति की बैठक में 81 हजार करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है।
महाराष्ट्र की कैबिनेट उप-समिति ने मंगलवार को 81,137 करोड़ रुपये की 7 मेगा परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। राज्य के विदर्भ, मराठवाड़ा और कोंकण में स्थित इन परियोजनाओं से 20 हजार नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इनमें सेमीकंडक्टर चिप्स, लिथियम बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा जैसे उद्योगों के संयंत्र शामिल हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि कैबिनेट उपसमिति की बैठक में बहुत बड़ा निर्णय लिया गया है। 81 हजार करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है, जिससे 20 हजार नौकरियां उत्पन्न होंगी और एक लाख से अधिक को अप्रत्यक्ष तौर पर काम मिलेगा... बुधवार को कई समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होंगे, जिसके बाद सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 1 लाख से ज्यादा निवेश होगा। हमारी सरकार उद्योग लगाने के लिए हर संभव मदद कर रही है। हमने उदार नीति अपनाई है जिसके कारण उद्योग यहां प्राथमिकता देते हैं, इससे रोजगार पैदा होंगे और राज्य जल्द ही 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करेगा।
जिन परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है, उनमें जेएसडब्ल्यू ग्रीन मोबिलिटी लिमिटेड द्वारा संभाजीनगर में इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइब्रिड वाहनों के लिए 27,200 करोड़ रुपये की परियोजना भी शामिल है। इससे 5,200 नौकरियों के अवसर बनेंगे और इमसें 5 लाख इलेक्ट्रिक यात्री वाहन और 1 लाख वाणिज्यिक वाहन का उत्पादन होने की उम्मीद है।
वहीँ, नागपुर में 25,000 करोड़ रुपये की जेएसडब्ल्यू एनर्जी पीएसपी परियोजना से 5,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। यह निवेश लिथियम आयरन बैटरी प्लांट के लिए है।
राज्य सरकार की उप-समिति ने रत्नागिरी स्थित हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेज द्वारा 1,500 करोड़ रुपये के फलों के गूदे और रस निकालने से जुड़ी परियोजना को भी मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा तलोजा में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र को स्थापित करने को भी हरी झंडी मिल गई है। पहले चरण में इसमें 12,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। नागपुर और पनवेल में 13,647 करोड़ रुपये की AWAADA इलेक्ट्रो लिमिटेड परियोजनाओं को भी मंजूरी दे गई है।