
Santosh Tarfe join Eknath Shinde party: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कलमनुरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ. संतोष टारफे ने ठाकरे गुट छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना का दामन थाम लिया। उनके साथ ठाकरे गुट के हिंगोली जिलाध्यक्ष गोपी पाटील, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष गणाजी बेले, पूर्व नगराध्यक्ष नंदकिशोर तोष्णीवाल समेत कई पूर्व जिला परिषद सदस्य, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, शाखा प्रमुख, पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता भी शिंदे गुट में शामिल हुए।
इस मौके पर कलमनुरी के मौजूदा विधायक संतोष बांगर भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के विचारों वाली शिवसेना आम लोगों और समाज के विकास के लिए काम करती है। इस दौरान शिंदे ने डॉ. संतोष टारफे को आदिवासी समाज का नेता बताते हुए कहा कि उनके साथ आने से इस समाज के विकास के लिए व्यापक स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा।
बता दें कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नए सदस्यों को भरोसा दिलाया कि समाज और क्षेत्र के विकास के लिए शिवसेना उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता समाज और संगठन के लिए सक्रियता से काम करें। एकनाथ शिंदे ने हिंगोली में विधायक संतोष बांगर के माध्यम से पहले भी बड़ी मात्रा में विकास निधि उपलब्ध कराने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधूरे विकास कार्यों, जरूरी बुनियादी सुविधाओं और आदिवासी समाज की उन्नति के लिए आगे भी सहयोग किया जाएगा।
इस सामूहिक दल-बदल से हिंगोली जिले में ठाकरे गुट के संगठन को झटका लगा है। वहीं, पूर्व विधायक और कई स्थानीय पदाधिकारियों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने से जिले में शिवसेना की संगठनात्मक ताकत बढ़ने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि इस सियासी घटना को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।