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रणबीर कपूर के बीफ वाले बयान से साई पल्लवी के लुक तक, ‘रामायण’ पर क्यों भड़के लोग? 4000 करोड़ की फिल्म के इन विवादों ने खींचा ध्यान

Ramayana Movie Controversy: रणबीर कपूर की कास्टिंग, साई पल्लवी के लुक, एआर रहमान के संगीत और VFX से लेकर स्क्रिप्ट विवाद व फुटेज लीक तक, जानिए 4000 करोड़ की 'रामायण' से जुड़े 8 बड़े विवाद।
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मुंबई

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Shiwani Mishra

•

Updated: 4 Nov 2026, 3:19 PM IST

Ramayana Movie

रणबीर कपूर की कास्टिंग से रहमान के संगीत तक (सोर्स: x-@capt_mishra)

Ramayana Movie: नितेश तिवारी की मेगा बजट फिल्म 'रामायण' रिलीज से पहले ही लगातार विवादों में बनी हुई है। कभी भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर की कास्टिंग पर सवाल उठे, तो कभी सीता के रोल में साई पल्लवी के लुक और कॉस्ट्यूम को लेकर बहस छिड़ गई। ए.आर. रहमान के संगीत से लेकर फिल्म के VFX और स्टार्स के पुराने बयानों तक, कई मुद्दों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। इतना ही नहीं, फिल्म की स्क्रिप्ट के अधिकारों और फुटेज लीक होने का मामला भी कानूनी विवाद तक पहुंच गया।

करीब 4,000 करोड़ रुपये के बजट में बन रही इस फिल्म को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। फिल्म के पहले भाग को दिवाली 2026 पर रिलीज करने की तैयारी है। ऐसे में आइए जानते हैं इन विवादों के बारे में, जिनकी वजह से 'रामायण' रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई।

ए.आर. रहमान के संगीत पर उठे सवाल

'रामायण' का म्यूजिक ए.आर. रहमान और हंस जिमर ने मिलकर तैयार किया है। फिल्म के गानों 'मंगल रंग' और 'रावण तांडव' को लेकर दर्शकों की राय बंटी हुई है। 'मंगल रंग' में सूफी संगीत और कव्वाली के प्रभाव को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए और कहा भगवान राम की अयोध्या वापसी जैसे प्रसंग के लिए गानें और अलग होनी चाहिए थी। इसके साथ ही, कुछ लोगों ने इस गाने के हिस्सों की तुलना रहमान के पुराने गानों 'एन्ना सोल्ला पोगिराई' और 'कुन फाया कुन' से भी की। वहीं, 'रावण तांडव' में इलेक्ट्रॉनिक संगीत के इस्तेमाल पर सवाल उठे कि क्या ये रावण के किरदार की तीव्रता को सही तरीके से दिखा पाता है।

ट्रोलर्स पर प्रतिक्रिया देते हुए रहमान ने अपनी रचनात्मक प्रक्रिया का बचाव किया। स्टीव जॉब्स की बात का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ''अगर आप हर किसी को खुश करना चाहते हैं, तो जाकर आइसक्रीम बेचिए।'' 'स्क्रीन' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि संगीत तैयार करने में कई महीने लग सकते हैं और किसी रचना को अंतिम रूप देने से पहले उस पर कई बार विचार किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वो खुद अपनी रचनाओं के पहले आलोचक होते हैं।

VFX को लेकर उठे सवाल, AI से बनी इमेजरी के आरोप

फिल्म का पहला प्रोमोशनल फुटेज सामने आते ही इसके विजुअल इफेक्ट्स सुर्खियों में आ गए। कुछ दर्शकों ने महल के सीन्स, रावण की एंट्री और पुष्पक विमान के भव्य पैमाने की तारीफ की, लेकिन कई लोगों को जंगल के कुछ दृश्य बनावटी लगे। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने तो फुटेज के हिस्सों को AI से तैयार इमेजरी और अधूरे ग्रीन स्क्रीन इफेक्ट्स जैसा बताया।

इसके बाद मेकर्स ने पर्दे के पीछे के वीडियो जारी कर फिल्म के सेट और विजुअल्स तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई। हालांकि, इन वीडियो पर भी आलोचना हुई। बता दें, रणबीर कपूर ने इस पर कहा कि कई बार दर्शक मेहनत से तैयार किए गए सीजीआई को भी एआई से बनी इमेजरी समझ लेते हैं। प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने भी स्पष्ट किया कि शुरुआती फुटेज में दिखाए गए वीएफएक्स का काम पूरा नहीं हुआ था। फिल्म को आईमैक्स 3डी में भव्य अनुभव देने के लिए तैयार किया जा रहा है।

सीता के रोल में साई पल्लवी की कास्टिंग पर विवाद

फिल्म में सीता का किरदार निभा रहीं साई पल्लवी की कास्टिंग भी सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही। प्रोमोशनल फुटेज सामने आने के बाद उनके लुक, मेकअप, हेयरस्टाइल, स्क्रीन प्रेजेंस और हिंदी बोलने के अंदाज पर सवाल उठाए गए।

कुछ दर्शकों को उनका लुक सीता की पारंपरिक कल्पना से अलग लगा। वहीं, कुछ लोगों ने इस कास्टिंग को क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व से जोड़ते हुए सवाल उठाए कि इस भूमिका के लिए दक्षिण भारतीय अभिनेत्री को क्यों चुना गया।
दरअसल, उनके कॉस्ट्यूम, खासकर ब्लाउज के डिजाइन को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस हुई। कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिम्पल ने इस पर कहा कि रामायण भारतीय संस्कृति और चेतना का हिस्सा है, इसलिए इस पर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है।

रणबीर कपूर का पुराना बीफ वाला बयान फिर हुआ वायरल

भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर की कास्टिंग पर विवाद तब और बढ़ गया, जब उनका 2011 का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस बातचीत में रणबीर ने अपने परिवार के खानपान के बारे में बात करते हुए खुद को मटन, पाया और बीफ का शौकीन बताया था, जिसमें उन्होंने कहा था, ''हां, मैं बीफ का बहुत बड़ा फैन हूं।''

उनका ये बयान सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने भगवान राम का किरदार निभाने के लिए उनकी कास्टिंग पर सवाल उठाए। ये विवाद उस समय और बढ़ गया, जब रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणबीर ने फिल्म की तैयारी के लिए सात्विक जीवनशैली अपनाई है। इसके बाद कपूर परिवार के क्रिसमस सेलिब्रेशन के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन वीडियो के आधार पर कुछ लोगों ने रणबीर के खानपान में बदलाव और फिल्म के प्रचार के दौरान उनकी छवि को लेकर सवाल उठाए।

रावण पर टिप्पणी के लिए मुकेश छाबड़ा को मांगनी पड़ी माफी

कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा भी फिल्म से जुड़े एक पुराने पॉडकास्ट बयान को लेकर विवादों में आ गए। 2024 में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में उन्होंने रावण के किरदार पर अपनी राय रखी थी।

बातचीत के दौरान छाबड़ा ने कहा था कि रावण के कुछ कामों के पीछे उसकी बहन शूर्पणखा के प्रति प्रेम भी एक वजह था। उन्होंने राम और रावण के बीच समानता बताते हुए कहा था कि दोनों अपने-अपने तरीके से प्रेम से प्रेरित थे। उनकी इस व्याख्या पर कई दर्शकों ने आपत्ति जताई। लोगों का मानना था कि इस तरह रावण के चरित्र और रामायण के नैतिक पक्ष को बहुत सरल बनाकर पेश किया जा रहा है। बता दें, विवाद बढ़ने के बाद मुकेश छाबड़ा ने माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

स्क्रिप्ट के अधिकारों को लेकर कानूनी विवाद

'रामायण' को लेकर स्क्रिप्ट और उससे जुड़ी सामग्री के अधिकारों का विवाद भी सामने आया। मधु मंटेना से जुड़ी एलएलपी अल्लू मंटेना मीडिया वेंचर्स ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर फिल्म के स्क्रिप्ट और संबंधित सामग्री पर मालिकाना हक का दावा किया।

कंपनी के अनुसार, इन अधिकारों को हासिल करने के लिए प्राइम फोकस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन अप्रैल 2024 तक ये प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। नोटिस में चेतावनी दी गई कि बचे हुए अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सुलझाए बिना संबंधित सामग्री का यूज कॉपीराइट का उल्लंघन हो सकता है। इस विवाद ने फिल्म के निर्माण से जुड़े कानूनी सवालों को भी चर्चा में ला दिया।

फुटेज लीक होने पर बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा मामला

फिल्म के कुछ फुटेज के कथित लीक होने का मामला भी कोर्ट तक पहुंच गया। नवंबर 2026 में गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म की अनधिकृत रिकॉर्डिंग और उसके प्रसार को रोकने की मांग की।

कंपनी के पास फिल्म के घरेलू और क्षेत्रीय बौद्धिक संपदा अधिकारों के इस्तेमाल से जुड़े अधिकार हैं। याचिका में आरोप लगाया गया कि गोपनीयता समझौते के बावजूद प्रतिबंधित स्क्रीनिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए फुटेज ऑनलाइन सामने आए। 'बार एंड बेंच' के अनुसार, जस्टिस जमादार ने माना कि कंपनी को इस बात की उचित आशंका है कि फिल्म के कुछ हिस्सों की रिकॉर्डिंग करके उन्हें अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड या स्ट्रीम किया जा सकता है।

धार्मिक संगठनों ने रिलीज से पहले मांगी विशेष स्क्रीनिंग

'रामायण' को लेकर धार्मिक संगठनों की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं। खबरों के अनुसार, श्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने निर्देशक नितेश तिवारी को पत्र लिखकर हिंदू संगठनों और रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों के लिए फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराने की मांग की।

इस पत्र में भगवान राम के किरदार के लिए रणबीर कपूर की कास्टिंग पर भी सवाल उठाए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं। ये मांग ऐसे समय में उठी है, जब 2023 में रिलीज हुई ओम राउत की फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। फिल्म के संवादों, किरदारों की प्रस्तुति और रामायण को गलत तरीके से दिखाने के आरोपों पर दर्शकों ने कड़ी नाराजगी जताई थी।

क्या इन विवादों का असर 'रामायण' की कमाई पर पड़ेगा?

दरअसल, करीब 4,000 करोड़ रुपये के बजट में बन रही 'रामायण' से भारतीय सिनेमा को काफी उम्मीदें हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म को पेश करने की तैयारी और बड़े सितारों की मौजूदगी इसे पहले से ही चर्चा में बनाए हुए है। हालांकि, रिलीज से पहले हुए विवादों से फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता का अंदाजा लगाना सही नहीं होगा। आखिरकार दर्शकों का फैसला फिल्म की कहानी, कलाकारों के अभिनय, संगीत और विजुअल इफेक्ट्स पर निर्भर करेगा।

निर्देशक नितेश तिवारी और उनकी टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती रामायण जैसे लोकप्रिय और आस्था से जुड़े महाकाव्य को भव्य अंदाज में पर्दे पर पेश करने की है। फिल्म को दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरने के साथ ही इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भावनाओं का सम्मान भी करना होगा। अब देखना होगा कि सिनेमाघरों में पहुंचने के बाद दर्शक इस फिल्म को किस तरह स्वीकार करते हैं।