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यूट्यूबर ध्रुव राठी ने किया बड़ा दावा, बोले- हिरासत के दौरान मेरे फोन से डेटा चोरी की हुई कोशिश

Dhruv Rathee Phone Cloning Claim: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने हाल ही में कुणाल कामरा के साथ पॉडकास्ट में सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है। ध्रुव ने कहा है कि उनके मोबाइल फोन से डेटा चोरी करने की कोशिश की गई। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
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मुंबई

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Himanshu Soni

•

Updated: 4 Nov 2026, 4:15 PM IST

Dhruv Rathee Phone Cloning Claim

ध्रुव राठी (फोटो सोर्स- IMDb)

Dhruv Rathee Phone Cloning Claim: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपनी हिरासत से जुड़े एक मामले में बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि जब उन्हें हिरासत में लिया गया था, तब उनके फोन का डेटा चोरी करने और उसे क्लोन करने की कोशिश की गई थी। ध्रुव राठी ने ये खुलासा कॉमेडियन कुणाल कामरा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया। उन्होंने दावा किया कि हिरासत से रिहा होने के बाद उन्होंने अपने फोन की जांच करवाई थी, जिसमें उन्हें कुछ ऐसी गतिविधियों का पता चला, जिनके आधार पर उन्हें फोन क्लोन करने की कोशिश का शक हुआ। इस बातचीत में उन्होंने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

माता-पिता के फोन भी ले लिए गए थे- ध्रुव राठी

कुणाल कामरा के साथ बातचीत में जब ध्रुव राठी से पूछा गया कि हिरासत के दौरान क्या उनका फोन जब्त किया गया था, तो उन्होंने बताया कि सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता के फोन भी ले लिए गए थे। उन्होंने कहा कि फोन वापस मिलने के बाद उन्होंने इस पूरे मामले को समझने के लिए तकनीकी जानकारों से बातचीत की।

ध्रुव के मुताबिक, उन्होंने देश के कुछ विशेषज्ञों से पूछा कि किसी व्यक्ति का फोन जब्त करने के बाद उसके डेटा तक पहुंचने के लिए किस तरह के तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में तीन संभावित तरीकों की जानकारी मिली।

पेगासस और वायरस से फोन की जासूसी का किया जिक्र

ध्रुव राठी ने बातचीत में पेगासस जैसे स्पाइवेयर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीक से फोन की निगरानी के लिए हमेशा फोन को अपने कब्जे में लेने की जरूरत नहीं होती और इसकी लागत भी काफी ज्यादा होती है।

उन्होंने दूसरे तरीके के तौर पर फोन में वायरस या मालवेयर डालने की संभावना बताई। ध्रुव ने दावा किया कि फोन वापस मिलने के बाद उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उसकी जांच करवाई थी। इसके लिए उन्होंने एक पूरा दिन दिया, लेकिन उनके मुताबिक फोन में किसी तरह का संक्रमण नहीं मिला।

फोन क्लोन करने की कोशिश का लगाया आरोप

ध्रुव राठी ने तीसरे तरीके के रूप में फोन क्लोनिंग का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके फोन के साथ इसी तरीके को आजमाने की कोशिश की गई थी। उनके अनुसार, फोन क्लोन होने पर उसमें मौजूद मैसेज, फोटो और दूसरे डेटा की कॉपी तैयार की जा सकती है।

उन्होंने इसके लिए इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर का नाम सेलेब्राइट (Cellebrite) बताया। ध्रुव ने दावा किया कि उनके फोन में आईओएस का नया संस्करण था, जबकि संबंधित सॉफ्टवेयर का अपडेट पुराने संस्करण तक ही काम कर रहा था।

फोन की बैटरी हिस्ट्री का भी किया जिक्र

उन्होंने अपनी बात के समर्थन में फोन की बैटरी हिस्ट्री का भी जिक्र किया। ध्रुव के मुताबिक, उनका फोन 100 प्रतिशत चार्ज था और करीब 20 घंटे बाद उन्हें वापस मिला। इस दौरान कुछ घंटों तक फोन चार्जिंग पर लगा हुआ दिखाई दिया। उनका दावा है कि इसी वजह से उन्हें शक हुआ कि फोन को यूएसबी के जरिए कंप्यूटर से जोड़कर उसका डेटा क्लोन करने की कोशिश की गई थी।

हालांकि, फोन की बैटरी हिस्ट्री अपने आप में डेटा क्लोनिंग की कोशिश का निर्णायक सबूत नहीं है। ध्रुव राठी के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

पुलिस और सरकार पर भी साधा निशाना

बातचीत के दौरान ध्रुव राठी ने पुलिस व्यवस्था और सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिरासत के दौरान फोन जब्त करने और उसके डेटा तक पहुंचने की कोशिश करना गलत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मियों पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी मौजूद थे।

ध्रुव ने पुलिसकर्मियों की कामकाजी परिस्थितियों और उनके साथ होने वाले कथित अन्याय का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि कई पुलिसकर्मी अपनी परेशानियों और शोषण के बारे में उनसे बातचीत करते हैं।

कुणाल कामरा के पॉडकास्ट में हुई इस बातचीत के बाद ध्रुव राठी के फोन से डेटा चोरी करने की कथित कोशिश का मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि, उनके दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

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