
Student Suicide: IIT Bombay के छात्र साहिल की मौत के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर लगाए गए आरोपों को लेकर संस्थान के फैकल्टी फोरम अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजकुमार पंत का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि साहिल ने पिछले तीन-चार महीनों में SC/ST सेल से संपर्क नहीं किया था और न ही कोई शिकायत दर्ज कराई थी। प्रोफेसर पंत ने डूला का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने संस्थान के नियमों के मुताबिक कार्रवाई की थी।
IIT Bombay में SC/ST वर्ग के छात्रों के मार्गदर्शन और कल्याण के लिए एक समर्पित सेल कार्यरत है। फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर पंत ने बताया कि संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर रवींद्र गुड़ी से मिली जानकारी के अनुसार, दिवंगत छात्र साहिल की ओर से बीते तीन-चार महीनों में SC/ST सेल से कोई संपर्क नहीं किया गया था। छात्र ने सेल के सामने अपनी ओर से न तो कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी और न ही किसी तरह की मदद मांगी थी।
प्रोफेसर डूला का बचाव करते हुए फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक संस्थान द्वारा तय दिशानिर्देशों के दायरे में रहकर ही काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर डूला पहले छात्र मामलों के डीन रह चुके हैं और वर्तमान में अकादमिक मामलों के डीन के रूप में कार्यरत हैं। वे हमेशा छात्रों की मदद के लिए जाने जाते रहे हैं, ऐसे में उन पर इस तरह के आरोप लगाना तर्कसंगत नहीं है। संस्थान में अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा या शिक्षा प्रक्रिया में अनुचित साधनों (नकल) के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाना अनिवार्य होता है, ताकि बाकी छात्रों के साथ अन्याय न हो।
मामले में दर्ज FIR और जारी कानूनी प्रक्रिया पर बात करते हुए प्रोफेसर पंत ने कहा कि अब मामला कानून के अधिकार क्षेत्र में है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि निष्पक्ष जांच के जरिए जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र थे। शुक्रवार शाम पवई कैंपस के हॉस्टल में उनका शव फंदे से लटका मिला। जानकारी के मुताबिक, इस घटना से कुछ ही घंटे पहले साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए और ChatGPT पर प्रश्न पत्र अपलोड करते हुए पकड़ा गया था।