मुंबई

45 सत्र में 1100 कवियों ने सुनाई कविता, बना दिया अनोखा रिकार्ड

ठाणे में पांच प्रज्ञा चक्षुओं की कविताओं ने हैरत में डाला
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Apr 27, 2019
In the 45th session, 1100 poets narrated the poem, made Unique Record
In the 45th session, 1100 poets narrated the poem, made Unique Record

ठाणे. 11 सौ कवियों के बीच पांच प्रज्ञाचक्षु कविओं की कविताओं से हॉल करतल ध्वनि से गूंजता रहा। लोगों ने इन कवियों की कविताओं में जीवन के कई रस एक साथ महसूस किए और खूब सराहना की। सही ही कही गई है कि जहां सब कुछ समाप्त हो जाता है वहां लोगों में जोश भरने का कार्य कविता ही करती है। अखिल भारतीय कला क्रीड़ा व सांस्कृतिक एकेडमी की तरफ से अखंड 85 घंटे का काव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। कविताओं के हरेक रंग ने जहां लोगों का भरपूर मनोरंजन किया वहीं 45 सत्र में 11 सौ कवियों की कविताओं ने रिकार्ड भी रच दिया।

मैराथान की सीमा होती है

पोएम मैराथन समारोह के समापन अवसर पर सांसद भरत कुमार राउत ने कहा कि पोएट्री मैराथन को मैराथान का नाम नहीं दिया जा सकता, क्योंकि मैराथान की एक सीमा होती है, लेकिन इसकी कोई सीमा है। कार्यक्रम में डॉ महेश केलुस्कर, डॉ विजया वाड व शशिकांत तिरोडकर समेत राजेंद्र पैं., पोएट्री मैरेथॉन में संस्थापिका साक्षी परब, डॉ राज परब, डॉ योगेश जोशी, हेमंत नेहेते व कार्यवाह डॉ ज्योती परब मौजूद रहीं। आयोजन में हास्य कवि अशोक नायगावकर, ख. र. मालवे, प्रा. दिनेश गुप्ता, अशोक बागवे, रेखा नार्वेकर, गौरी कुलकर्णी, शामसुंदर सोंन्नार, संपदा जोगलेकर कुलकर्णी, प्रशांत डिंगण कर, सुरेश ठामासे, दीपक पलसुले, कैलाश म्हापदी, अशोक चिटणीस, भरत शिंदे, प्रमोद सावंत, साईराज परब, राजेंद्र गोसावी, जयंत भावे, डॉ प्रकाश माली, वृषाली शिंदे, आरती कुलकर्णी, निशिकांत महांकाल, रवींद्र परब आदि मौजूद रहे।

Updated on:
27 Apr 2019 09:45 pm
Published on:
27 Apr 2019 09:45 pm